वेतन से वसूली और कम ड्यूटी देने के आरोप में मजदूरों का हंगामा
JMS उरतान कोतमा में अनुबंधित श्रमिकों ने किया काम बंद, प्रबंधन और ठेकेदारों पर शोषण के गंभीर आरोप
कोतमा। JMS उरतान कोतमा में कार्यरत अनुबंधित मजदूरों ने शनिवार को विरासनी माइंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन एवं ठेकेदारों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए काम बंद कर दिया। मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर वेतन से जबरन राशि वापस लेने, तय ड्यूटी से कम काम देने तथा धमकाकर शोषण करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में श्रमिकों के शोषण को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह 7 बजे मजदूर अपनी निर्धारित ड्यूटी पर पहुंचे थे, तभी मजदूरों और कंपनी प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। मजदूरों का आरोप है कि विरासनी माइंस के कर्मचारी आकाश पांडेय और मैनेजर राकेश रंजन द्वारा मजदूरी भुगतान के बाद हर माह कुछ राशि वापस करने का दबाव बनाया जाता है। लगातार हो रहे दबाव और कथित तानाशाही रवैये से नाराज होकर मजदूरों ने सामूहिक रूप से काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मजदूरों ने फोन-पे ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड दिखाते हुए दावा किया कि हर महीने उनके खाते में आने वाले वेतन से निश्चित राशि आकाश पांडेय के खाते में ट्रांसफर करवाई जाती है। वहीं मैनेजर राकेश रंजन पर आरोप लगाया गया कि यदि मजदूर तय रकम वापस नहीं करते तो उन्हें नौकरी से निकालने और दोबारा ड्यूटी पर नहीं रखने की धमकी दी जाती है।
श्रमिकों ने यह भी बताया कि अनुबंध के अनुसार उन्हें महीने में 26 दिन काम मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें केवल 20 दिन ही ड्यूटी दी जा रही है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। मजदूरों का कहना है कि अंडरग्राउंड माइंस में कार्य करने के बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
कई मजदूर खुलकर सामने आने से डरते नजर आए, लेकिन दबी जुबान में उन्होंने आरोप लगाया कि JMS प्रबंधन में प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले संजय कहरा की शह पर ही प्राइवेट ठेकेदार मजदूरों का शोषण कर रहे हैं। मजदूरों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और श्रमिकों के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की है।



































