संशोधित झरिया मास्टर प्लान (JMP) के अंतर्गत जारी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, पुनर्वास कार्यों तथा कौशल विकास पहलों की प्रगति की समीक्षा हेतु आज कोयला भवन मुख्यालय में निदेशक (तकनीकी) कोयला मंत्रालय श्री बीरेन्द्र कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक निदेशक (तकनीकी/संचालन) सचिवालय में आयोजित हुई, जिसमें झरिया कोयला क्षेत्र में आग, भू-धंसान से निपटने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) बीसीसीएल, श्री संजय कुमार सिंह, महाप्रबंधक (जेएमपी) श्री राजीव चोपड़ा सहित झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकार (जेआरडीए) के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न आधारभूत संरचनाओं के विकास, कंक्रीट फ्लोरिंग, आवासों के रख-रखाव व स्वच्छता, निर्बाध पेयजल और बिजली आपूर्ति, परिवहन व्यवस्था, एलटीएच एवं नॉन-एलटीएच परिवारों के सत्यापन एवं पुनर्वास, विभिन्न राजकीय लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लाभ, मल्टी स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट एवं कैरियर काउंसलिंग के माध्यम से कौशल विकास और स्थायी आजीविका, माइक्रोएंटरप्राइज डेवलपमेंट (सूक्ष्म उद्यम विकास), निःशुल्क कोचिंग केंद्र की स्थापना, पुनर्विनियोजित कोष एवं डीएमएफटी के अंतर्गत वित्तीय स्थिति और खाली कराई गई भू-संवेदनशील साइटों के पर्यावरण सुधार (वृक्षारोपण) सहित परियोजना से जुड़े विभिन्न अन्य संकेतकों पर विस्तृत प्रगति विवरण साझा किया गया।
श्री ठाकुर ने सभी परियोजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों से परिवारों के सुरक्षित विस्थापन, बेलगड़िया एवं करमाटांड़ पुनर्वास स्थलों पर बुनियादी ढाँचे के सुदृढ़ीकरण तथा स्थानीय युवाओं व महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी लघु, मध्यम और दीर्घकालिक आजीविका परियोजनाओं को पूरा करने पर बल दिया जिससे झरिया कोयला क्षेत्र के प्रभावितों का जीवन स्तर बेहतर और सुरक्षित बनाया जा सके।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक के समापन की घोषणा की गई।



































