महीनों से नहीं हुई नालियों की सफाई, ठेकेदार की मनमानी से भड़के रहवासी
अनूपपुर।
हसदेव क्षेत्र अंतर्गत राजनगर की श्रमिक कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। कॉलोनियों की सड़कों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर फैली गंदगी ने रहवासियों का जीना दूभर कर दिया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई स्थानों पर दो-दो से तीन-तीन महीनों तक नालियों की सफाई नहीं हुई, जिससे नालियां जाम हो गई हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। लगातार फैल रही बदबू और गंदगी के कारण श्रमिक परिवारों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि सफाई कार्य का जिम्मा संभालने वाला ठेकेदार पूरी तरह मनमानी कर रहा है। न तो नियमित रूप से सफाई कराई जा रही है और न ही घरों तथा कॉलोनियों से समय पर कचरा उठाया जा रहा है। परिणामस्वरूप जगह-जगह कचरे के ढेर जमा हो गए हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है।
श्रमिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि चुनाव के समय श्रमिक नेता कॉलोनियों की समस्याओं को लेकर बड़े-बड़े वादे करते हैं और हर समस्या के समाधान का भरोसा दिलाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही मूलभूत सुविधाओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। सफाई जैसी आवश्यक व्यवस्था भी पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। लोगों का कहना है कि कॉलोनियों में रहने वाले श्रमिक परिवार लंबे समय से परेशान हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है।
रहवासियों ने सिविल विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विभाग को स्थिति की पूरी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कई बार शिकायत करने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। इससे लोगों में प्रशासन और प्रबंधन के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
कॉलोनीवासियों ने मांग की है कि सफाई व्यवस्था तत्काल दुरुस्त की जाए, नियमित रूप से कचरा उठाव और नालियों की सफाई सुनिश्चित की जाए तथा लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो श्रमिक परिवार आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।



































