अनूपपुर
सनातन एकता यात्रा राम वन गमन पथ मित्र मंडल द्वारा आयोजित 15 दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा का भव्य समापन हुआ। यात्रा संयोजक जेपी साहू ने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए कहा कि राम वन गमन पथ एवं पांच पांडव स्थलों का समुचित विकास शहडोल संभाग को धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बना सकता है, जिससे स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे
उन्होंने मध्यप्रदेश शासन से मांग की कि शहडोल क्षेत्र में स्थित राम वन गमन पथ के विकास हेतु ठोस परियोजना बनाई जाए, ताकि क्षेत्रीय विकास को गति मिले और लोगों को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े
यह यात्रा 19 मार्च को अमरकंटक से नर्मदा जल कलश, भगवान जगन्नाथ की पालकी एवं राम दरबार कामतानाथ की पालकी के साथ विधिवत पूजन-अर्चन कर प्रारंभ हुई। यात्रा राजेंद्र ग्राम, अनूपपुर, बिजुरी, राजनगर, कोतमा, रेउसा, खोडरी, कोठी, निगवानी, गढ़ी, बसखला, गोहंदरा, केशवाही, जैतपुर, गोहपारू, देवदहा सीतामढ़ी, कठौतिया, खनौधी, जैसिंहनगर, सरिहट, कुबरा, अमझोर, व्यौहारी, मानपुर, उमरिया, ऊचेहरा, पाली, नौरोजाबाद सहित अनेक नगरों और ग्रामों से होकर गुजरी
यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पूजन, चुनरी चढ़ाने, भंडारा एवं जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। केशवाही मरखी देवी एवं जैतपुर भाटिया मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए
हनुमान जयंती के पावन अवसर पर बुढार, धनपुरी और नौरोजाबाद में भव्य वाहन रैली एवं पदयात्रा आयोजित की गई। धनपुरी में लगभग 10 हजार तथा नौरोजाबाद में 5 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता दर्ज कराई। नौरोजाबाद में यात्रा के स्वागत में 27 आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं
28 मार्च को यात्रा शहडोल नगर पहुंची, जहां मां दुर्गा मंदिर में चुनरी चढ़ाई गई तथा अगले दिन मां कंकाली मंदिर अमरहा सहित आसपास के गांवों में भ्रमण किया गया। इस दौरान लालपुर, साबो, बकहो सहित विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने यात्रा का भव्य स्वागत किया
संयोजक जेपी साहू ने बताया कि यह यात्रा राम वन गमन पथ और पांच पांडव स्थलों के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकाली गई थी। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से लोगों में आस्था जागृत हुई है और क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक माहौल बना है
उन्होंने यह भी कहा कि मां नर्मदा के जीवन दर्शन और नर्मदा पुराण की कथा को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है, जिसके लिए शासन-प्रशासन को विशेष पहल करनी चाहिए
यात्रा में महेश्वर से उदय आनंद महाराज एवं वृंदावन से उमेश दास महाराज सहित कई संतों का सान्निध्य प्राप्त हुआ। साथ ही विभिन्न स्थानों पर हजारों श्रद्धालु यात्रा में शामिल होते रहे
यह यात्रा शहडोल संभाग के इतिहास में सनातन एकता यात्रा का तीसरा सफल आयोजन रहा। कार्यक्रम की सफलता पर जेपी साहू ने सभी सहयोगियों, श्रद्धालुओं एवं सनातन धर्मावलंबियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आस्था का यह उत्सव आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
















































