- धनतेरस से भैया दूज तक पांचों पर्व भारतीय संस्कृति , पारिवारिक प्रेम और मंगलकामनाओं के प्रतीक
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में पंच दिवसीय दीप पर्व महोत्सव के पावन अवसर पर अग्नि अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज ने समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में उत्तम स्वास्थ्य , दीर्घायु , सुख-समृद्धि , शांति और खुशहाली की मंगलकामना की है ।
महाराज श्री ने कहा कि दीपावली का पांच दिवसीय पर्व भारतीय संस्कृति , धार्मिक आस्था , पारिवारिक संबंधों और जीवन में सकारात्मकता का अनुपम संदेश देता है । धनतेरस के अवसर पर भगवान धन्वंतरि से सभी को उत्तम स्वास्थ्य , दीर्घायु और रोगों से लड़ने की शक्ति प्राप्त प्रदान करते है । इस दिन साधु संत , वैद्यों ने औषधीय पौधों का भी पूजन किया जाता है । रूप चतुर्दशी पर प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सुंदरता , तेज , यौवन और प्रसन्नता बनी रहने का आशीर्वाद मिलता है ।
दीपावली के पावन पर्व पर मां लक्ष्मी से सभी के घरों में धन-धान्य , वैभव और समृद्धि का स्थायी वास होने का पूजन प्रार्थना किया जाता है । गोवर्धन पूजा के अवसर पर खेत-खलिहानों और आजीविका के सभी साधनों में निरंतर उन्नति एवं आने वाली पीढ़ियों तक सुख-समृद्धि बनी रहने की मंगलकामना मिलती है जिसे स्वामी जी ने व्यक्त की ।
इसी क्रम में भैया दूज के महत्व को बताते हुए महाराज श्री ने कहा कि भाई-बहन के बीच प्रेम , विश्वास और स्नेह का रिश्ता सदैव अटूट बना रहे । बहन को कभी असहजता का अनुभव न हो और भाई के माथे पर बहन द्वारा लगाया गया तिलक स्वर्णिम पुष्प की तरह जीवनभर प्रेम और आत्मीयता की सुगंध बिखेरता है ।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज ने कहा कि यह पांच दिवसीय दीप महोत्सव सभी के जीवन में आत्मसंतोष , शांति , स्फूर्ति , ऊर्जा और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आते है । समाज में सद्भाव , प्रेम और परस्पर सहयोग की भावना मजबूत हो तथा सभी का जीवन मंगलमय बने ।
अंत में उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं , धर्मप्रेमियों और देशवासियों के कल्याण की कामना करते हुए पंच दिवसीय दीप पर्व की अनंत शुभकामनाएं एवं मंगल आशीर्वाद प्रदान किया ।




























