दीपावली पर हरित पटाखों का करें उपयोग, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य का रखें ध्यान

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  • सीमित मात्रा में आतिशबाजी करने और निर्धारित समय-सीमा का पालन करने की अपील

अनूपपुर 05 नवम्बर 2026/ दीपावली पर्व के दौरान पटाखों से होने वाले वायु एवं ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए नागरिकों से हरित पटाखों का सीमित मात्रा में उपयोग करने की अपील की गई है। पटाखों से निकलने वाला धुआं एवं हानिकारक रासायनिक तत्व पर्यावरण के साथ मानव स्वास्थ्य को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे में दीपावली का पर्व मनाते समय पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।

नागरिकों से अपील की गई है कि आतिशबाजी के दौरान निर्धारित समय-सीमा का पालन करें तथा तेज आवाज वाले पटाखों एवं पटाखों की लड़ियों का उपयोग नहीं करें। अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों एवं धार्मिक स्थलों के आसपास आतिशबाजी करने से बचें। बच्चों को पटाखे जलाते समय विशेष सावधानी बरतने तथा वयस्कों की निगरानी में ही आतिशबाजी करने की सलाह दी गई है।

पटाखे जलाने के बाद बचे हुए कचरे एवं अधजले पटाखों को खुले में नहीं फेंकें। इन्हें घरेलू कचरे से अलग एकत्रित कर नगरीय निकाय के सफाई कर्मचारियों को सौंपें। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि दीपावली पर हरित पटाखों का ही उपयोग करें तथा सीमित आतिशबाजी कर पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें।

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