ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जिले में 1 से 6 नवंबर तक बच्चों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती ममता जैन के मार्गदर्शन में 5 नवंबर को माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, धार में क्विज, निबंध, चित्रकला, हैंड पेंटिंग एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता परिणाम
*क्विज:* रितु निनामा प्रथम, रागिनी द्वितीय, कल्पना भाभर तृतीय
*निबंध:* सलोनी देवड़ा प्रथम, योगिता राठौर द्वितीय, मुस्कान नर्गेश तृतीय
*हैंड पेंटिंग:* वंदना सोलंकी एवं पप्पु सोलंकी प्रथम, खुशी चौहान एवं रामसिंह चौहान द्वितीय, ज्ञानेश्वरी राठौर तृतीय
*चित्रकला:* परिधि परमार प्रथम, आयुषी द्वितीय, अंकिता डोडवा एवं पायल जमरा तृतीय
*स्लोगन:* मोनिका ठाकुर प्रथम, अनन्या मुवेल द्वितीय, विजया भारती तृतीय
इस अवसर पर ‘जागरूक बचपन-सशक्त भारत’ थीम पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें बाल विवाह, बाल शोषण, दुर्व्यवहार से बचाव, निःशुल्क विधिक सहायता एवं नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी गई।
इसी क्रम में शासकीय भोज कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, धार में ‘ना बाल विवाह, ना बाल शोषण’ थीम पर शिविर आयोजित किया गया। इसमें बाल विवाह, पॉक्सो एक्ट 2012, गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा एवं निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में बताया गया।
दोनों कार्यक्रमों में जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री राम सहारे राज, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सिमोन सुलिया, महिला थाना प्रभारी क्लेर डामोर, पैरालीगल वॉलेंटियर श्रीमती लेखा शर्मा, प्राचार्य श्री प्रवीण जैन, प्राचार्य श्री आर.पी. पाण्डेय, शिक्षकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।




























