कोतमा की बेटी अमिता जैन बनीं सिविल जज, 6वीं रैंक से रचा इतिहास
रिपोर्टर अजय ताम्रकार
कोतमा। कोतमा नगर की होनहार बेटी अमिता जैन ने सिविल जज परीक्षा में सफलता हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे नगर का नाम गौरवान्वित किया है। दूसरे ही प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए अमिता जैन ने गुजरात सिविल जज परीक्षा 2025-26 में 6वीं रैंक प्राप्त कर ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। नगर की पहली महिला सिविल जज बनने का गौरव हासिल करने वाली अमिता की सफलता पर पूरे कोतमा नगर में हर्ष और उत्साह का माहौल है।
सिविल जज परीक्षा में सफलता प्राप्त कर कोतमा घर पहुंचने पर अमिता जैन का शासकीय अधिकारियों, सामाजिक संगठनों एवं नगरवासियों द्वारा आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया जा रहा है। सोमवार को नगर निरीक्षक रत्नांबर शुक्ल अपने सहयोगियों एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों के साथ अमिता जैन के निवास पहुंचे और उन्हें मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अनिल जैन, अजित जैन, रमेश अग्रवाल, भरत मिश्रा, अजय ताम्रकार, संदीप जैन, शैलेश जैन, दीपेश सहित परिवारजन एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अमिता जैन की इस सफलता ने कोतमा नगर को नई पहचान दी है। नगर की बेटी ने न्यायिक सेवा में प्रवेश कर यह सिद्ध कर दिया कि छोटे नगरों की बेटियां भी बड़े सपनों को साकार कर सकती हैं। अमिता जैन ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा कोतमा नगर के शिशु भारती विद्यालय, संत जोसफ स्कूल कोतमा तथा बिजुरी में हुई। इसके बाद वर्ष 2013 से 2017 तक जबलपुर स्थित प्रतिभास्थली में कक्षा 7वीं से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान उन्होंने 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी मेधा का परिचय दिया।
अमिता ने बताया कि सिविल जज बनने का लक्ष्य उन्होंने छात्र जीवन में ही तय कर लिया था। इसी संकल्प के साथ उन्होंने उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद में रहकर पांच वर्षों तक विधि (लॉ) की पढ़ाई पूरी की और न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी में निरंतर जुटी रहीं। कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अध्ययन के बल पर उन्होंने गुजरात सिविल जज परीक्षा 2025-26 में 6वीं रैंक हासिल कर सफलता का नया इतिहास रच दिया।
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अमिता जैन ने अपनी बड़ी बहन आकांक्षा जैन, जो चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, माता-पिता, परिवारजनों तथा शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और स्वयं का सतत प्रयास ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बना।
अमिता जैन ने युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए अपनी सफलता को प्रेरणा बताते हुए कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और ध्यान केवल अपने उद्देश्य पर केंद्रित रहे, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करें और अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित करें, तभी सफलता सुनिश्चित होगी।
नगर निरीक्षक रत्नांबर शुक्ल ने अमिता जैन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता न केवल परिवार, बल्कि पूरे नगर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अमिता की उपलब्धि को नारी सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही हैं और अमिता जैन ने न्यायिक सेवा में प्रवेश कर कोतमा का मान बढ़ाया है।
अमिता जैन की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे नगर में हर्ष का वातावरण है। नगरवासियों का मानना है कि अमिता की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी, विशेषकर छात्राओं के लिए प्रेरणा बनेगी। कोतमा की इस बेटी ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, कठोर परिश्रम और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी मंजिल दूर नहीं।






































