एनसीएल की अनूठी पहल: स्कूली बच्चों को दिया जा रहा जीवन रक्षक प्रशिक्षण
अमलोरी और बीना परियोजनाओं में ‘बेसिक फर्स्ट-एड ट्रेनिंग 2.0’ आयोजित, 162 विद्यार्थियों ने सीखे प्राथमिक उपचार के गुर

द्वारा सामाजिक दायित्वों के तहत स्कूली बच्चों को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में एनसीएल की अमलोरी एवं बीना परियोजनाओं में ‘बेसिक फर्स्ट-एड ट्रेनिंग 2.0’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार के मूलभूत सिद्धांत, दुर्घटना या आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान करने के तरीके, घायल व्यक्ति की देखभाल, सीपीआर तकनीक तथा दैनिक जीवन में सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से दीं। प्रशिक्षण में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए व्यावहारिक रूप से कई आवश्यक प्रक्रियाएं सीखीं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएवी विद्यालय बीना के 80 तथा डीएवी विद्यालय अमलोरी के 82 विद्यार्थियों सहित कुल 162 बच्चों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
गौरतलब है कि एनसीएल द्वारा प्रथम चरण में गृहिणियों को बेसिक फर्स्ट-एड प्रशिक्षण देने के बाद अब स्कूली विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। ‘बेसिक फर्स्ट-एड ट्रेनिंग 2.0’ के फेज-1 में एनसीएल पोषित 10 स्कूलों के लगभग 3200 विद्यार्थियों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले खड़िया परियोजना के डीएवी विद्यालय में आयोजित पहले कार्यक्रम में 155 विद्यार्थियों ने भाग लेकर जीवन रक्षक कौशल सीखे थे।
एनसीएल की इस पहल को क्षेत्र में शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।



































