बिजुरी मौत मामले में नया मोड़: युवती प्रकरण के मुख्य गवाह किशोर की ट्रेन से कटकर मौत, जांच के दायरे में पूरा घटनाक्रम
रिपोर्टर – अयोध्या बी.एल. सिंह
अनूपपुर। बिजुरी थाना क्षेत्र में 20 मई को हुई युवती की संदिग्ध मौत का मामला अब और गंभीर तथा संवेदनशील हो गया है। इस मामले में सबसे अहम प्रत्यक्षदर्शी और शिकायतकर्ता रहे 17 वर्षीय किशोर अमन यादव की शनिवार तड़के संदिग्ध परिस्थितियों में रेलवे ट्रैक पर घायल मिलने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं और सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अब दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंधों सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार अमन यादव निवासी माइंस कॉलोनी बिजुरी वही किशोर था, जिसने युवती के साथ हुई घटना की जानकारी पुलिस को दी थी और जिसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ऐसे में घटना के कुछ दिनों बाद उसकी मौत ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह लगभग 3 से 3:30 बजे के बीच बिजुरी क्षेत्र के गलैयाटोला रेलवे ट्रैक के पास अमन गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। घटना की सूचना मिलने पर संबंधित एजेंसियों ने उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल मनेंद्रगढ़ पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। प्रारंभिक स्तर पर घटना की जांच विभिन्न पहलुओं से की जा रही है।
थाना प्रभारी के अनुसार अमन शुक्रवार शाम युवती मौत प्रकरण के संबंध में थाना आया था। इसके बाद देर रात उसकी मौजूदगी रेलवे ट्रैक क्षेत्र में कैसे हुई, यह जांच का विषय बना हुआ है। पुलिस कॉल डिटेल, मोबाइल गतिविधियों और अन्य उपलब्ध तथ्यों की जांच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि 20 मई की रात दर्ज रिपोर्ट के अनुसार किशोर अपनी महिला मित्र के साथ क्षेत्र में मौजूद था, जहां कथित रूप से विवाद और हमला होने की बात सामने आई थी। घायल युवती को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार युवती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के प्रारंभिक तथ्यों और अन्य वैज्ञानिक जांच रिपोर्टों का परीक्षण किया जा रहा है। मामले से जुड़े जैविक नमूनों को भी जांच के लिए भेजा गया है।
वहीं किशोर की मौत के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच चिंता का माहौल है और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग उठाई जा रही है। अब पूरे मामले की दिशा जांच रिपोर्ट, फॉरेंसिक विश्लेषण और आधिकारिक निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।



































