भारत की ऊर्जा क्रांति में ‘गेल’ निभा रही अग्रणी भूमिका

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भारत की ऊर्जा क्रांति में ‘गेल’ निभा रही अग्रणी भूमिका

बायोगैस और ग्रीन एनर्जी से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में तेजी से बढ़ रहा देश : प्रवीर कुमार अग्रवाल

नई दिल्ली/नोएडा। के सेक्टर-16 नोएडा स्थित ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में आयोजित विशेष साक्षात्कार कार्यक्रम में ने देश में नेचुरल गैस, बायोगैस और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों पर विस्तार से जानकारी दी। यह साक्षात्कार “खबर भारत न्यूज़ चैनल” के प्रतिनिधि एवं राष्ट्रीय अधिमान्य पत्रकार संगठन मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष तथा उत्तरप्रदेश प्रभारी द्वारा लिया गया।

साक्षात्कार के दौरान श्री अग्रवाल ने बताया कि “गेल” का पूरा नाम “गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड” है, जो भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन कार्यरत एक महारत्न सार्वजनिक उपक्रम (PSU) है। इसकी स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी तथा इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। उन्होंने कहा कि गेल आज भारत की सबसे बड़ी नेचुरल गैस प्रोसेसिंग और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बन चुकी है, जो देशभर में 16 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी गैस पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से उद्योगों, घरों और वाहनों तक गैस पहुंचा रही है।

उन्होंने बताया कि कंपनी सीएनजी और पीएनजी के माध्यम से शहरों में स्वच्छ ईंधन उपलब्ध करा रही है, जिससे प्रदूषण में कमी आ रही है। साथ ही पेट्रोकेमिकल उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चा माल, एलपीजी तथा अन्य लिक्विड हाइड्रोकार्बन का उत्पादन भी किया जा रहा है।

बायोगैस परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में ग्रीन एनर्जी भारत की सबसे बड़ी आवश्यकता बनने जा रही है। उन्होंने बताया कि बायोगैस प्लांट जैविक कचरे, गोबर एवं कृषि अवशेषों से गैस उत्पादन कर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान और भविष्य की कार्ययोजना के अंतर्गत देश के विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक बायोगैस एवं गैस वितरण परियोजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

साक्षात्कार के दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गैस आधारित ऊर्जा प्रणाली पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित और स्वच्छ विकल्प है। कोयला एवं पारंपरिक ईंधनों की तुलना में नेचुरल गैस और बायोगैस का उपयोग वायु प्रदूषण को काफी हद तक कम करता है।

कार्यक्रम के अंत में श्री अग्रवाल ने कहा कि भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और गेल जैसी संस्थाएं इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने युवाओं से भी स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।

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