बीपीएल कार्डधारी पर करोड़ों की संपत्ति जुटाने के आरोप
मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और आयकर विभाग से शिकायत, महिला स्व-सहायता समूह की राशि हड़पने एवं आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग
जमुना कोतमा
जिले के ग्राम छिल्पा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम निवासी सुखनिधान साहू ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री तथा आयकर विभाग को लिखित शिकायत भेजकर अभिमन्यु कुमार साहू पर महिला स्व-सहायता समूहों की अनुदान राशि के दुरुपयोग, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने तथा शासकीय योजनाओं में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में शिकायतकर्ता सुखनिधान साहू ने आरोप लगाया है कि अभिमन्यु कुमार साहू पिता रमेश प्रसाद साहू निवासी ग्राम छिल्पा द्वारा “आरती स्व-सहायता समूह”, “विश्वकर्मा स्व-सहायता समूह” एवं “जय मां लक्ष्मी स्व-सहायता समूह” की महिलाओं को मिलने वाली अनुदान राशि का दुरुपयोग किया गया। शिकायत में कहा गया है कि उक्त समूहों को शासन द्वारा महिलाओं के रोजगार एवं आजीविका संवर्धन के उद्देश्य से अनुदान राशि प्रदान की गई थी, लेकिन बैंक से राशि निकलवाकर उसका उपयोग निजी संपत्ति खरीदने में किया गया।
शिकायत में विशेष रूप से यह उल्लेख किया गया है कि मात्र तीन माह की अवधि — 1 जनवरी 2023 से 31 मार्च 2023 के बीच लगभग 24 लाख रुपये मूल्य की जमीन खरीदी गई। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि एक बीपीएल कार्डधारी परिवार इतने कम समय में इतनी बड़ी राशि की संपत्ति कैसे अर्जित कर सकता है। इस खरीद को लेकर गांव में भी चर्चाओं का दौर जारी है और लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं
पत्र में दावा किया गया है कि वर्ष 2020 से पहले संबंधित परिवार के पास दो हेक्टेयर से भी कम जमीन थी, लेकिन वर्ष 2021 में लगभग 6 लाख रुपये की भूमि खरीदी गई। इसके बाद वर्ष 2023 में लाखों रुपये मूल्य की तीन जमीनों का क्रय किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इसके अलावा वर्ष 2023 मॉडल का मैसी ट्रैक्टर खरीदा गया तथा लगभग 20 कमरों का आलीशान भवन भी बनवाया गया है
शिकायतकर्ता ने यह भी उल्लेख किया है कि अभिमन्यु कुमार साहू एवं उनके पिता अलग-अलग बीपीएल कार्डधारी हैं और वर्तमान में भी शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। पत्र में सवाल उठाया गया है कि एक बीपीएल परिवार इतने कम समय में इतनी बड़ी संपत्ति कैसे अर्जित कर सकता है। शिकायतकर्ता ने इसे गरीब महिलाओं के हक पर डाका बताते हुए मामले की गंभीर जांच की मांग की है
उपमुख्यमंत्री एवं वित्त, वाणिज्यिक कर योजना तथा सांख्यिकी विभाग के मंत्री Jagdish Devda को भेजे गए पत्र में भी इसी प्रकार आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है शिकायतकर्ता ने पत्र में कहा है कि यदि आय के स्रोतों की निष्पक्ष जांच की जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की धारा 269 के तहत विशेष निगरानी एवं जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है
इसी मामले को लेकर आयकर विभाग भोपाल को भी अलग से आवेदन भेजा गया है। शिकायतकर्ता ने आयकर विभाग से अभिमन्यु कुमार साहू की संपत्तियों, बैंक खातों तथा आय के स्रोतों की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि यदि एक बीपीएल कार्डधारी व्यक्ति अल्प समय में लाखों रुपये की जमीन, ट्रैक्टर एवं आलीशान भवन का मालिक बन जाता है, तो यह जांच का गंभीर विषय है
तीनों शिकायत पत्रों में यह भी आरोप लगाया गया है कि महिलाओं के स्व-सहायता समूहों के नाम पर मिली सरकारी राशि का उपयोग वास्तविक उद्देश्य के बजाय निजी लाभ के लिए किया गया शिकायतकर्ता ने संबंधित समूहों को ब्लैकलिस्ट करने तथा पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का मामला होगा, बल्कि गरीब महिलाओं के अधिकारों के साथ भी बड़ा अन्याय माना जाएगा। फिलहाल संबंधित विभागों द्वारा मामले में किसी प्रकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जवाब लेने का किया गया प्रयास
इस संबंध में जब जनपद पंचायत अनूपपुर बदरा के सीईओ रवि ग्वाल से पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, तो उनके मोबाइल पर घंटी जाती रही, लेकिन उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। ऐसे में इस मामले पर उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
इनका कहना है
“अभिमन्यु कुमार साहू को बीपीएल सूची के आधार पर खेत-तालाब, माही बगिया, राशन तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। यदि वह वर्तमान में बीपीएल सूची के पात्र नहीं हैं या उनकी आर्थिक स्थिति सूची से ऊपर है, तो इसकी जानकारी राजस्व विभाग की जांच से ही स्पष्ट हो सकती है। यह विषय राजस्व विभाग से संबंधित है
अनिल मिश्रा, सचिव ग्राम पंचायत छिल्पा



































