‘बदलाव ज़रूरी है’ अभियान को लेकर सीपीआई की रणनीति तय, 6 से 15 अगस्त तक निकलेगी पदयात्रा, 1 सितंबर को दिल्ली में होगी विशाल जनरैली
अनूपपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की जिला परिषद अनूपपुर की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को जिला कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कॉम. पी.एस. राऊतराय ने की, जबकि संचालन जिला सचिव कॉम. जनक राठौर ने किया। बैठक में पार्टी की मध्य प्रदेश राज्य परिषद के सह-सचिव कॉम. हरिद्वार सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में देश की वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आगामी जनआंदोलनों की रणनीति तैयार की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए कॉम. हरिद्वार सिंह ने कहा कि देश में लोकतंत्र, संविधान, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की मूल भावना गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार की नीतियों के कारण संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता कमजोर हुई है तथा सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण, बढ़ती बेरोज़गारी, महंगाई, श्रमिक अधिकारों में कटौती, किसानों की उपेक्षा और प्रशासनिक भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं ने आम जनता का जीवन प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक नीतियाँ बड़े कॉरपोरेट घरानों के हितों को बढ़ावा दे रही हैं, जबकि किसान, मजदूर, युवा, महिलाएँ और बुजुर्ग आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इन्हीं मुद्दों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 6 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक देशव्यापी “बदलाव ज़रूरी है” अभियान के तहत पदयात्रा निकालेगी। इसके बाद 1 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में विशाल जनरैली आयोजित की जाएगी, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक शामिल होंगे।
बैठक में वरिष्ठ वामपंथी नेता कॉम. विजेंद्र सोनी ने लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि जनहित, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए व्यापक जनसंघर्ष आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
जिला सचिव कॉम. जनक राठौर ने बैठक में पार्टी की प्रमुख जनमांगों को विस्तार से रखा। इनमें समान नागरिक संहिता के स्थान पर समान आर्थिक संहिता लागू करना, संसद से राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून पारित कर 18 से 58 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति को रोजगार की गारंटी देना, योग्यता के अनुसार काम और काम के अनुसार वेतन सुनिश्चित करना, केंद्र एवं राज्य सरकारों के रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्तियाँ करना, समान एवं निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था लागू करना, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाना, किसानों को कानूनी गारंटी के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देना, किसानों के कर्ज़ माफ करना, मजदूरों के लोकतांत्रिक एवं ट्रेड यूनियन अधिकार बहाल करना, छह घंटे के कार्यदिवस का कानून बनाना तथा मध्य प्रदेश राज्य परिवहन निगम को पुनः प्रारंभ करना शामिल है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिले के चयनित गाँवों में पार्टी कार्यकर्ताओं के दल भेजे जाएंगे। ये दल ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाकर पदयात्रा और दिल्ली रैली के उद्देश्य से लोगों को अवगत कराएंगे तथा पर्चों का वितरण करेंगे। इसके लिए विभिन्न गाँवों की जिम्मेदारियाँ भी कार्यकर्ताओं को सौंप दी गई हैं।
अध्यक्षीय उद्बोधन में कॉम. पी.एस. राऊतराय ने कहा कि संगठन की मजबूती गाँव-गाँव तक सक्रिय संगठनात्मक ढांचे और जनता के बीच निरंतर संपर्क से ही संभव है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से बैठक में लिए गए निर्णयों को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ लागू करने का आह्वान किया।
बैठक का समापन “इंकलाब ज़िंदाबाद” तथा “जनता के अधिकारों की रक्षा करो, अन्यथा सत्ता छोड़ो” के नारों के साथ हुआ।
बैठक में कॉम. हरिद्वार सिंह, कॉम. विजेंद्र सोनी, कॉम. पी.एस. राऊतराय, कॉम. जनक राठौर, कॉम. समर शाह सिंह, कॉम. हिरालाल राठौर, कॉम. पाँचू यादव, कॉम. मोहन राठौर, अमित पोखरियाल सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
































































