ओदारी नदी में मारा छापा, 9 हाईवा और चैन माउंटेन मशीन जब्त
एमसीबी। जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्यवाही की है। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत घटई, तहसील भरतपुर स्थित ओदारी नदी क्षेत्र में संयुक्त छापामार अभियान चलाकर अवैध खनन गतिविधियों पर बड़ा प्रहार किया।
जिला स्तरीय टास्क फोर्स, खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई इस कार्यवाही में अवैध रेत उत्खनन में प्रयुक्त एक चैन माउंटेन मशीन और रेत परिवहन में लगे 9 हाईवा वाहनों को मौके से जब्त किया गया। प्रशासनिक जांच में पाया गया कि संबंधित स्थल पर खनन कार्य निर्धारित नियमों और वैधानिक प्रावधानों के विपरीत संचालित किया जा रहा था।
*संयुक्त कार्यवाही से मचा हड़कंप*
प्रशासन की इस सुनियोजित कार्यवाही के बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बन गई। बताया गया कि जब्त किये गये सभी वाहन और मशीनरी को अग्रिम वैधानिक कार्यवाही तक ग्राम पंचायत घटई की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखा गया है।
*कानूनी प्रावधानों के तहत होगी कड़ी कार्यवाही*
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और खनिज परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खनिज एवं विनियमन अधिनियम 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जायेगी। अधिकारियों ने कहा कि नियमों की अनदेखी कर प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जायेगा।
*प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता*
प्रशासन ने दो टूक संदेश दिया है कि जिले में प्राकृतिक संसाधनों की अवैध लूट पर अब लगातार निगरानी रखी जायेगी और ऐसे मामलों में त्वरित कार्यवाही जारी रहेगी। ओदारी नदी क्षेत्र में हुई यह कार्यवाही केवल एक अभियान नहीं बल्कि अवैध खनन माफियाओं के लिये स्पष्ट चेतावनी है कि शासन अब संसाधनों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।
*ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान*
इस कार्यवाही को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर प्रशासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच यह कार्यवाही प्रशासनिक सक्रियता का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे अवैध खनन, परिवहन या प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें ताकि जिले में संसाधनों के संरक्षण और कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सके। यह कार्यवाही स्पष्ट करती है कि एमसीबी प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य कर रहा है।



































