रामपुर कोयला खदान में जय अंबे के कार्यों से किसानों और स्थानीय बेरोजगारों को मिल रहा लाभ

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रामपुर कोयला खदान में जय अंबे के कार्यों से किसानों और स्थानीय बेरोजगारों को मिल रहा लाभ

70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का दावा, आसपास के 20 से 25 गांवों में रोजगार के साथ मूलभूत सुविधाओं के विकास पर भी जोर; प्रोजेक्ट हेड अश्वनी सिंह के नेतृत्व में प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय।

 

शहडोल। रामपुर कोयला खदान में जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना के बाद से क्षेत्र में रोजगार और विकास की गतिविधियों को नई गति मिलने की बात सामने आ रही है। कंपनी के कार्यों से जहां स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं, वहीं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों और आम नागरिकों को भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लाभ मिल रहा है। कंपनी द्वारा एसएआर योजना के तहत भी कई कार्यों का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि जब से रामपुर खदान में जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी जिम्मेदारी संभाली है, तब से आसपास के गांवों के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुले हैं। कंपनी द्वारा लगभग 70 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। इससे क्षेत्र के ऐसे परिवारों को आर्थिक संबल मिला है, जिनके सामने रोजगार और आजीविका की चुनौती बनी रहती थी। स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में काम मिलने से उनके परिवारों के भरण-पोषण और आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

अश्वनी सिंह के नेतृत्व में प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बेहतर तालमेल

कंपनी में प्रोजेक्ट हेड के रूप में अश्वनी सिंह द्वारा जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रबंधन की कार्यप्रणाली में समन्वय और संवाद को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही जा रही है। पूर्व में जहां छोटी-छोटी समस्याओं को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती थी, वहीं अब कर्मचारियों और संबंधित पक्षों की समस्याओं को बातचीत के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है। किसी भी कर्मचारी, श्रमिक अथवा स्थानीय व्यक्ति को कोई परेशानी होती है तो प्रबंधन के साथ बैठकर उसकी बात सुनी जाती है और समस्या का तत्काल निराकरण करने का प्रयास किया जाता है।

सुरक्षा व्यवस्था को दी जा रही प्राथमिकता

कोयला खदान जैसे जोखिमपूर्ण कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण विषय है। जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खदान में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान दिए जाने की बात सामने आई है। कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन, आवश्यक सावधानियां और कर्मचारियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना और बड़ी दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके। खदान में उत्पादन के साथ श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जा रही है।

20 से 25 गांवों तक पहुंच रहा रोजगार और विकास का लाभ

रामपुर कोयला खदान के आसपास स्थित लगभग 20 से 25 गांवों के लोगों को कंपनी की गतिविधियों से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की बात कही जा रही है। स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने के साथ-साथ किसानों और ग्रामीण परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य भी कराए जा रहे हैं। एसएआर योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं।
कुल मिलाकर रामपुर कोयला खदान में जय अंबे प्राइवेट लिमिटेड की भूमिका केवल खनन गतिविधियों तक सीमित न रहकर स्थानीय रोजगार, श्रमिक कल्याण और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से भी जुड़ती दिखाई दे रही है। यदि इसी तरह स्थानीय लोगों को प्राथमिकता, श्रमिकों की सुरक्षा और ग्रामीण समस्याओं के समाधान पर निरंतर ध्यान दिया जाता रहा तो आने वाले समय में रामपुर खदान आसपास के क्षेत्रों के लिए रोजगार और विकास का एक बेहतर उदाहरण बन सकती है।

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