सीएमपीडीआई ने हर्षोल्लास के साथ 52वां कोल इंडिया स्थापना दिवस मनाया

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  • कोल इंडिया के स्तर पर सीएमपीडीआई को 4 पुरस्कार मिले

रांची 01 नवम्बर। सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) के मुख्यालय, रांची में 01 नवंबर 2026 को कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का 52वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। समारोह का शुभारंभ संस्थान के निदेशक (तकनीकी/प्लानिंग एंड डिजाइन) श्री अजय कुमार द्वारा कोल इंडिया का ध्वज फहराने के साथ हुआ। इसके पश्चात कोल इंडिया का कॉर्पोरेट गीत का गायन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक (तकनीकी/ईएस) एंड बीसीसीएल के निदेशक (तकनीकी/पीएंडपी-अतिरिक्त प्रभार) श्री राजीव कुमार सिन्हा, महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष, जेसीसी, ट्रेड यूनियनों तथा सीएमओएआई के प्रतिनिधि एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

समारोह को सम्बोधित करते हुए श्री कुमार ने सभी कर्मियों का अभिवादन किया और इस बात पर जोर दिया कि ‘स्थापना दिवस’ न केवल संस्थान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि यह सभी के सामूहिक प्रयासों, समर्पण और कड़ी मेहनत का उत्सव भी है।

उन्होंने बताया कि कोल इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 768.14 मिलियन टन (एमटी) कोयले का उत्पादन किया है और अब यह वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 815.24 एमटी के उत्पादन लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने सीएमपीडीआई के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी का टर्नओवर 12 प्रतिशत बढ़कर 1074.68 करोड़ रूपये हो गया जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 961.12 करोड़ रूपये था। इसके अलावा, सीएमपीडीआई ने ‘प्राफिट आफ्टर टैक्स (पैट) में 23 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में यह मुनाफा 311.11 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में यह 253.69 करोड़ रूपये था।

सीएमपीडीआई की उपलब्धियों पर प्रकाशत डालते हुए उन्होंने बताया कि कंपनी को सीआईएल स्तर पर कारपोरेट और व्यक्तिगत/समूह श्रेणियों में चार प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं। कारपोरेट श्रेणी में सीएमपीडीआई के क्षेत्रीय संस्थान-7-भुवनेश्वर के कोसला कैम्प को ‘बेस्ट ड्रिलिंग कैम्प’ का पुरस्कार मिला। वहीं, व्यक्तिगत/समूह श्रेणी में क्षेत्रीय संस्थान-3-रांची के क्षेत्रीय निदेशक श्री कंचन सिन्हा को ‘बेस्ट रिजनल डायरेक्टर’ का पुरस्कार मिला तथा मुख्यालय-रांची के महाप्रबंधक (यूएमडी) श्री प्रमोद कुमार को ‘बेस्ट एचओडी’ एवं महाप्रबंधक (विद्युत एवं यांत्रिकी) श्री सुदर्शन प्रसाद को ‘व्यक्तिगत उत्कृष्टता’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

वर्ष के दौरान सीएमपीडीआई की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री अजय कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में सीएमपीडीआई ने 11 लाख मीटर के एमओयू लक्ष्य के मुकाबले 11 लाख 50 हजार मीटर की ड्रिलिंग पूरी की। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 12 लाख मीटर ड्रिलिंग लक्ष्य की तुलना में सितम्बर, 2026 तक कंपनी ने 5 लाख 31 हजार मीटर की ड्रिलिंग पूरी कर ली है जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है।

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सीएमपीडीआई ने 415 वर्ग कि0मी0 के क्षेत्र में गवेषण करते हुए 31 भूवैज्ञानिक रिपोर्ट (जीआर) तैयार कीं। इन रिपोर्टों से ‘मेजर्ड’ (मापित) श्रेणी में 11.8 बिलियन टन कोयला संसाधन जुड़ गए] जबकि ‘इंडिकेटेड/इनफर्ड’ श्रेणियों के अंतर्गत 6.7 बिलियन टन के नए कोयला संसाधनों का आकलन किया गया। वित्त वर्ष 2026-27 में सितम्बर माह तक सीएमपीडीआई ने 156 वर्ग कि0मी0 क्षेत्र का आच्छादित (कवर) करते हुए 15 जीआर जमा कीं जिससे ‘मेजर्ड’ श्रेणी के अंतर्गत लगभग 2 बिलियन टन संसाधनों की पुष्टि हुई।

सीएमपीडीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 455.23 लाइन किलोमीटर का भूकंपीय सर्वेक्षण (सिस्मिक सर्वे) पूरा किया और चालू वित्त वर्ष में सितम्बर, 2026 तक 150.62 लाइन किलोमीटर का कार्य पूरा किया।

कोयला गवेषण के अपने पारंपरिक दायरे से आगे बढ़ते हुए सीएमपीडीआई ने गैर-कोयला खनिजों की खोज में उल्लेखनीय प्रगति की है। झारखंड में मैगनेटाइट की खोज की गयी है जबकि ओडिशा के गोखरा ब्लाक में ग्रेफाइट की खोज का काम चल रहा है। सीआईएल की ओर से आंध्र प्रदेश के ओंटिलु-चंद्रगिरी में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरईई) गवेषण लाइसेंस ब्लाक और महाराष्ट्र के कवलपुर में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरईई) ब्लाक में खोज का काम आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा, रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरईई) और रेयर मेटल्स के लिए एक खोज समझौता (एक्सप्लोरेशन डीड) निष्पादित होने के पश्चात् राजस्थान के नवाताला-देवीगढ़ आरईई ब्लाक में भी खोज का काम प्रारंभ हो गया है।

सीएमपीडीआई ने मोजाम्बिक में ‘टेटे ईस्ट’ कोयला ब्लाक के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रहा है। इंटरनेशनल कोल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (आईसीवीएल) के साथ हुए समझौते के अनुसार इस परियोजना में 7.5 मि0टन प्रति वर्ष की कोकिंग कोल उत्पादन क्षमता की परिकल्पना की गयी है। इस परियोजना में आवश्यक बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है जिसमें खनन सुविधाएं, कोल हैंडलिंग प्लांट, कोल वाशरी और लाजिस्टिक्स शामिल हैं।

सीएमपीडीआई, कोल इंडिया की सहायक कंपनियों में सौर परियोजनाओं के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (पीएमसी) सेवाएं प्रदान करके, कोल इंडिया की नवीकरणीय ऊर्जा पहल का नेतृत्व कर रहा है। अक्टूबर, 2026 तक, 10 मेगावाट की सौर क्षमता संस्थापित हो चुकी है, 145 मेगावाट पर कार्य चल रहा है और 482 मेगावाट क्षमता पीएफआर तैयार करने या टेंडरिंग के विभिन्न चरणों में है। सीएमपीडीआई, सीआईएल के लिए, सीआईएल के लीज क्षेत्र के बाहर गोरखपुर में 20 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए भी पीएमसी दे रहा है, जो स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सीआईएल की विविधीकरण रणनीति के अनुरूप सीएमपीडीआई अंडर ग्राउंड कोल गैसीकरण (यूसीजी) के विकास की दिशा में ठोस प्रयास कर रहा है। कास्ता ब्लाक में यूसीजी आरएंडडी पायलट प्लांट के संचालन की प्रारंभिक तैयारियों के तहत वहां लगे सिस्टम की टेस्टिंग शुरू हो गई है। सफल टेस्टिंग के बाद, पायलट प्लांट में कोयले को जमीन के अंदर ही जलाकर (इग्निशन) गैसीफाइड किया जाएगा जिससे सिनगैस’‘ का उत्पादन होगा।

सीएमपीडीआई ने एडवांस्ड बाथिमीट्रिक सर्वे (जल-तल सर्वेक्षण) के लिए डिजाइन किए गए एक विशेष ‘अनमैन्ड सरफेस व्हीकल (यूएसवी) को हासिल करके अपनी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत किया है। यह अत्याधुनिक उपकरण विभिन्न जल निकायों में पानी की गइराई को सटीक रूप से मापने और पानी के नीचे की सतह की मैपिंग करने में सक्षम बनाएगा।

ओडिशा स्पेस एप्लिकेशन सेंटर (ओआरएसएसी) ने जियोमैटिक्स से जुड़े कार्यों के लिए सीएमपीडीआई को एक एजेंसी के रूप में चयन किया है। यह कंपनी की विविधीकरण पहलों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

सतत्ता और नवाचार के महत्व पर जोर देते हुए श्री अजय कुमार ने कहा कि सीएमपीडीआई को अपने कामकाज को अधिक कुशल और पर्यावरण हितैषी बनाने के लिए नई तकनीकों और बेहतर प्रक्रियाओं को अपनाना जारी रखना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण और उन समुदायों के प्रति संगठन की जिम्मेदारी को रेखांकित किया, जिन्हें वह सेवाएं प्रदान करता है। साथ ही, उन्होंने कर्मियों से एक सतत्/टिकाऊ और उज्जवल भविष्य की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया।

 

 

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