शहडोल
विंध्य प्रदेश के पुनर्गठन की मांग को लेकर आज शहडोल में विंध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री शंभू नाथ शुक्ला की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर क्षेत्र के विकास, रोजगार और स्वशासन की मांग को लेकर आवाज बुलंद की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1956 में विंध्य प्रदेश का मध्य प्रदेश में विलय करते समय क्षेत्र के समग्र विकास, रोजगार सृजन, राजधानी स्थापना तथा जीवन स्तर सुधार के अनेक वादे किए गए थे, किंतु आज तक वे वादे पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पाए हैं।
वक्ताओं ने कहा कि विंध्य क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद अपेक्षित विकास से वंचित है। उनका आरोप है कि प्रदेश के राजस्व में विंध्य का महत्वपूर्ण योगदान होने के बावजूद क्षेत्र को उसके अनुरूप सुविधाएं और विकास परियोजनाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने रोजगार का संकट बना हुआ है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने सरकार से विंध्य प्रदेश के पुनर्गठन पर गंभीरता से विचार करने तथा क्षेत्र की जनता के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि विंध्य के साथ न्याय नहीं हुआ तो जनआंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रथम मुख्यमंत्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा विंध्य प्रदेश के पुनर्गठन के समर्थन में जनजागरण का संकल्प लिया गया।
**कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:**
– शुभदीप खरे
– एड. एस. के. तिवारी
– एड. के. डी. द्विवेदी
– एड. राम सुशील पटेल
– एड. वाई. डी. श्रीवास्तव
– वी. के. तिवारी
संवाददाता शहडोल – अरुण द्विवेदी







































































