साइबर अपराध से बचाव का दिया मंत्र: राजनगर प्रशिक्षण केंद्र में पुलिस ने प्रशिक्षुओं को किया जागरूक
अनूपपुर। थाना रामनगर पुलिस द्वारा क्षेत्रीय व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र, राजनगर (हसदेव क्षेत्र, एसईसीएल) में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 50 से 60 प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पुलिस अधिकारियों ने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षक अरविंद सिंह की उपस्थिति में प्रशिक्षुओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी एवं बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं तथा साइबर ठगों की नई-नई चालों के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस ने प्रशिक्षुओं को किसी भी अज्ञात कॉल, संदिग्ध संदेश या लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा अपनी बैंकिंग, ओटीपी और व्यक्तिगत जानकारी किसी भी व्यक्ति से साझा न करने की सलाह दी।
इस अवसर पर भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित “सेफ क्लिक 2.0” अभियान की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत करने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और सतर्कता है। यदि नागरिक समय रहते सावधानी बरतें तो अधिकांश ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचा जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षुओं से सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम को प्रशिक्षुओं ने उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए इसकी सराहना की।




































