फोटो से आगे नहीं बढ़ पाया प्याऊ, भीषण गर्मी में सूखे कंठ लेकर गुजर रहे राहगीर
बरतराई खदान गेट पर एसईसीएल की व्यवस्था पर उठे सवाल, उद्घाटन के बाद बंद पड़ा शीतल पेयजल केंद्र
जमुना कोतमा इस ई सीएल की जमुना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत बरतराई खदान में गर्मी के मौसम में राहगीरों और श्रमिकों को राहत देने के उद्देश्य से खोला गया प्याऊ अब केवल शो-पीस बनकर रह गया है बड़े-बड़े विकास और सामुदायिक सहभागिता के दावे करने वाली कंपनी की जमीनी हकीकत उस समय सामने आई जब क्षेत्र का दौरा करने पर पाया गया कि प्याऊ केंद्र में न तो पानी की व्यवस्था है, न घड़ा रखा गया है और न ही किसी कर्मचारी की तैनाती की गई है
भीषण गर्मी के बीच खदान क्षेत्र से गुजरने वाले मजदूर, राहगीर और स्थानीय लोग प्यास से परेशान नजर आए स्थानीय लोगों का कहना है कि प्याऊ का उद्घाटन कर फोटो खिंचवाए गए और प्रचार-प्रसार किया गया, लेकिन इसके बाद व्यवस्था पूरी तरह बंद हो गई लोगों ने आरोप लगाया कि केवल औपचारिकता निभाकर जिम्मेदार अधिकारी अपनी जवाबदेही से बच रहे हैं
गौरतलब है कि Coal India Limited की सहायक कंपनी एसईसीएल को मिनी रत्न एवं महारत्न कंपनी का दर्जा प्राप्त है और कंपनी सामाजिक दायित्वों के तहत कई योजनाएं संचालित करने का दावा करती है। इसके बावजूद बरतराई खदान क्षेत्र की स्थिति कंपनी के दावों पर सवाल खड़े कर रही है
स्थानीय नागरिकों एवं राहगीरों ने जमुना कोतमा क्षेत्र के महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी से मांग की है कि बंद पड़े प्याऊ को तत्काल चालू कराया जाए तथा नियमित रूप से शीतल पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।



































