नवाचार और सस्टेनेबिलिटी से राष्ट्र-निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा सीएमपीडीआई
सीएमपीडीआई ने उत्साह से मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवस, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2316.53 करोड़ का रिकॉर्ड टर्नओवर

रांची, 16 अगस्त। सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआई) में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। मुख्यालय परिसर में अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक चौधरी शिवराज सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर निदेशक अजय कुमार, निदेशक नृपेन्द्र नाथ, निदेशक आनंद मोहन, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार सहित अधिकारी, कर्मचारी, श्रमिक प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौधरी शिवराज सिंह ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आजादी अधिकार के साथ जिम्मेदारी भी है। सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान के रूप में सीएमपीडीआई ईमानदारी, पारदर्शिता, प्रतिबद्धता और पेशेवर उत्कृष्टता के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि सीएमपीडीआई ने 11 लाख मीटर के वार्षिक लक्ष्य को पार करते हुए 11.50 लाख मीटर ड्रिलिंग का रिकॉर्ड बनाया है। संस्थान ने 31 भूवैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार कर लगभग 415 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में करीब 18.5 बिलियन टन कोयला संसाधनों का आकलन किया। इनमें 11.8 बिलियन टन संसाधन प्रमाणित श्रेणी में शामिल हैं। इसके अलावा 455.22 लाइन किलोमीटर का सिस्मिक सर्वेक्षण भी पूरा किया गया।
खनिज विविधीकरण पर विशेष जोर
सीएमपीडीआई ने कोयले के साथ महत्वपूर्ण खनिजों की खोज में भी अपनी भूमिका मजबूत की है। झारखंड और मध्य प्रदेश में मैग्नेटाइट, तांबा तथा अन्य संबद्ध खनिजों की खोज जारी है। संस्थान की तकनीकी सहायता से कोल इंडिया को ओनटील्लू-चंद्रागिरि रेयर अर्थ एलिमेंट्स ब्लॉक हासिल करने में सफलता मिली। राजस्थान माइंस एंड जियोलॉजी विभाग के साथ नवाताला-देवीगढ़ ब्लॉक में रेयर अर्थ एलिमेंट्स की खोज के लिए समझौता भी किया गया है।
आरएंडडी और नई तकनीक पर बढ़ा फोकस
प्रोजेक्ट प्लानिंग, टेक्नोलॉजी और अनुसंधान के क्षेत्र में सीएमपीडीआई ने करीब 252 एमटीपीए क्षमता वाली 30 प्रोजेक्ट रिपोर्ट तथा ईआईए/ईएमपी से संबंधित 67 रिपोर्ट तैयार कीं। कोयला मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित आठ नए आरएंडडी प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए और छह परियोजनाएं पूरी की गईं। सीसीएल की ढोरी-खास भूमिगत खदान में कोकिंग कोल सीम में लगी आग का वैज्ञानिक अध्ययन कर सुरक्षित एवं सतत खनन के समाधान भी सुझाए गए।
सौर ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा में योगदान
स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में सीएमपीडीआई कोल इंडिया की सहायक कंपनियों में 637.57 मेगावाट क्षमता के सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए पीएमसी सेवाएं प्रदान कर रहा है। गोरखपुर के चिलुआ ताल में 20 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर प्लांट की पीएमसी जिम्मेदारी भी संस्थान को मिली है। जालौन परियोजना के पहले चरण में 200 मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट की योजना बनाई गई है।
कास्ता ब्लॉक में यूसीजी आरएंडडी पायलट प्लांट का निर्माण पूरा हो चुका है और अगस्त 2026 के अंत तक इसका पायलट ऑपरेशन शुरू होने की उम्मीद है। सीएमपीडीआई कोल बेड मिथेन, सरफेस कोल गैसीफिकेशन और 5जी आधारित तकनीकी पहलों में भी सहयोग कर रहा है।
गैर-सीआईएल कारोबार में भी उल्लेखनीय उपलब्धि
वर्ष 2025-26 में सीएमपीडीआई ने गैर-सीआईएल ग्राहकों से 131.02 करोड़ रुपये मूल्य के 142 कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट हासिल किए और 40 से अधिक नए ग्राहक जोड़े। राइट्स, एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड और बीएसएनएल के साथ समझौतों के माध्यम से रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया गया। 11 अगस्त 2026 को अमेरिका की ड्यूक यूनिवर्सिटी के साथ महत्वपूर्ण खनिजों और सतत विकास के क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू किया गया।
2316.53 करोड़ का रिकॉर्ड टर्नओवर
वित्तीय प्रदर्शन में भी सीएमपीडीआई ने नया रिकॉर्ड बनाया। वर्ष 2025-26 में संस्थान ने 2316.53 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक टर्नओवर और 613.18 करोड़ रुपये का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स हासिल किया। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 481.37 करोड़ रुपये का टर्नओवर रहा, जिसमें 17.62 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई। इसी अवधि में पीएटी 53.88 प्रतिशत बढ़कर 116.27 करोड़ रुपये पहुंच गया।
सीएसआर में भी बढ़ा योगदान
सीएसआर के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में 13.23 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो निर्धारित लक्ष्य से 21 प्रतिशत अधिक है। कैंसर देखभाल, आदिवासी क्षेत्रों की लड़कियों के प्रशिक्षण और कौशल विकास सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। करीब 60 युवाओं को फ्लेबोटोमी टेक्नीशियन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि 170 लाभार्थियों को तकनीकी एवं सर्विस सेक्टर में आवासीय प्रशिक्षण मिल रहा है।
अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक ने कर्मचारियों से ऑटोमेशन, आधुनिकीकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग को कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने विभागों से कार्यक्षेत्र बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने, विविधीकरण को बढ़ावा देने और राजस्व के नए अवसर तलाशने पर जोर दिया।
30 मार्च 2026 को स्टॉक एक्सचेंज पर सीएमपीडीआई की लिस्टिंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे शेयरधारकों, निवेशकों, नियामकों, ग्राहकों, कर्मचारियों और समाज के प्रति संस्थान की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने पारदर्शिता, कॉरपोरेट गवर्नेंस, नियमों के पालन और वित्तीय अनुशासन के उच्च मानकों को बनाए रखने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से सामूहिक प्रयासों के जरिए सीएमपीडीआई को तकनीकी रूप से उन्नत, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार संस्थान बनाने का आह्वान किया।





































