लाड़ली बहना योजना में संभावित अपात्र हितग्राही की पात्रता जांच की मांग
राजनगर। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत लाभ ले रही एक महिला हितग्राही की पात्रता को लेकर शिकायत सामने आई है। राजनगर निवासी एवं भाजपा मंडल मंत्री आलोक सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग अनूपपुर को लिखित शिकायत पत्र सौंपते हुए संबंधित हितग्राही की पात्रता की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि वार्ड क्रमांक 12, न्यू राजनगर कालरी निवासी विधा सिंह पति गजेन्द्र सिंह सिकरवार द्वारा जून 2023 से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ लिया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उपलब्ध जानकारी के आधार पर संबंधित हितग्राही परिवार की आर्थिक एवं पारिवारिक स्थिति योजना के लिए शासन द्वारा निर्धारित पात्रता एवं अपात्रता की शर्तों के अनुरूप है अथवा नहीं, इसको लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई है
आलोक सिंह द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग को दी गई शिकायत में बताया गया है कि संबंधित परिवार के पास चार पहिया वाहन होने की जानकारी सामने आ रही है। साथ ही परिवार के एक पुत्र के शासकीय सेवा में कार्यरत होने की जानकारी भी शिकायतकर्ता को प्राप्त हुई है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर शिकायतकर्ता ने संबंधित हितग्राही द्वारा योजना का लाभ लेने की पात्रता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है
शिकायतकर्ता का कहना है कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि कोई हितग्राही निर्धारित पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करता है और फिर भी योजना का लाभ प्राप्त कर रहा है, तो इसकी जांच आवश्यक है, ताकि पात्र महिलाओं को योजना का वास्तविक लाभ मिल सके
आलोक सिंह ने विभाग से मांग की है कि शिकायत में उल्लेखित तथ्यों की विभागीय स्तर पर निष्पक्ष एवं बिंदुवार जांच कराई जाए। साथ ही संबंधित हितग्राही की पात्रता का सत्यापन करते हुए परिवार की आर्थिक स्थिति, वाहन संबंधी जानकारी तथा परिवार के सदस्यों की शासकीय सेवा सहित अन्य निर्धारित मापदंडों की जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि संबंधित हितग्राही द्वारा योजना का लाभ लेने के लिए गलत जानकारी दी गई है अथवा वह शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार अपात्र है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं यदि जांच में हितग्राही पात्र पाई जाती हैं तो स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी
अब शिकायत के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग अनूपपुर द्वारा मामले में किस प्रकार की जांच की जाती है और जांच के दौरान संबंधित हितग्राही की पात्रता को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर क्षेत्रीय लोगों की नजर बनी हुई है





























































