गौवंशों की समस्या बनी किसानों और वाहन चालकों के लिये मुसीबत – पूनम सिंह
गांवों में फसलों को नुकसान, सड़कों पर हादसों का खतरा
कांग्रेसनेत्री ने गौधाम व्यवस्था को प्रभावी बनाने की उठाई मांग
मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। जिले में निराश्रित गौवंशों की बढ़ती संख्या अब किसानों से लेकर वाहन चालकों तक के लिये परेशानी का कारण बनती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां गौवंश खेतों में पहुंचकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं वहीं नगरीय और कस्बाई क्षेत्रों में सड़कों पर इनका जमावड़ा दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर कांग्रेस जिला महामंत्री पूनम सिंह ने जिला प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।
पूनम सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासन के दौरान गौठान योजना के माध्यम से निराश्रित गौवंशों के लिये छाया, चारा और पानी सहित उनके संरक्षण की व्यवस्था विकसित की गई थी। वर्तमान सरकार द्वारा योजना का नाम बदलकर गौधाम कर दिया गया लेकिन जमीनी स्तर पर इसका अपेक्षित प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। गौधामों के प्रभावी संचालन के अभाव में बड़ी संख्या में पशु खुले में विचरण कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गांवों में निराश्रित गौवंश किसानों के खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान दिन रात मेहनत कर फसल तैयार करते हैं लेकिन खुले में घूमते पशुओं के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दूसरी ओर मुख्य सड़कों पर गौवंश के बैठने और अचानक सड़क पर आने से वाहन चालकों के सामने दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
कांग्रेस जिला महामंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की असमय मौत हो चुकी है। ऐसे में सड़कों पर घूम रहे गौवंशों की समस्या को केवल पशु संरक्षण से जोड़कर नहीं देखा जा सकता बल्कि यह सीधे तौर पर जनसुरक्षा और यातायात व्यवस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि जिले के सभी गौधामों की वास्तविक स्थिति की समीक्षा कर वहां पर्याप्त चारा, पानी और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये साथ ही ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के स्तर पर विशेष अभियान चलाकर सड़कों और खेतों में घूम रहे निराश्रित गौवंशों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाये। पूनम सिंह ने कहा कि प्रशासन द्वारा नियमित निगरानी और जिम्मेदारी तय किये बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। किसानों की फसलों को बचाने, सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और गौवंशों के संरक्षण के लिये एमसीबी जिला प्रशासन को तत्काल प्रभावी कार्यवाही करनी चाहिये।




























































