जर्जर विद्यालय भवनों और जोखिम भरे रास्तों के बीच बच्चों को स्कूल भेजना कितना सुरक्षित?कन्हैयालाल मिश्र

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प्रशासन की बारिश में सावधानी बरतने की अपील के बीच नौनिहालों की सुरक्षा पर सवाल

जर्जर विद्यालय भवनों और जोखिम भरे रास्तों के बीच बच्चों को स्कूल भेजना कितना सुरक्षित?कन्हैयालाल मिश्र

अनूपपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा आमजन से पुल-पुलियों, रपटों, नदी-नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट रूप से लोगों से तेज बहाव वाले स्थानों को पार नहीं करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। ऐसे में विद्यालय जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं

भगवा पार्टी भारतीय गणवर्ता पार्टी के जिला अध्यक्ष कन्हैयालाल मिश्र ने जिला प्रशासन की बारिश को लेकर जारी चेतावनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रशासन स्वयं आम नागरिकों को बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है, तो फिर जिले के नन्हे-मुन्ने बच्चों की सुरक्षा के संबंध में क्या ठोस व्यवस्था की गई है? ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक बच्चे ऐसे हैं जिन्हें बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों, पुल-पुलियों और नदी-नालों के आसपास से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है।
मिश्र ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। जिले में कई विद्यालय भवनों की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। जर्जर भवनों, टपकती छतों और बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली अन्य समस्याओं के बीच बच्चों की पढ़ाई किस प्रकार सुरक्षित वातावरण में संचालित हो रही है, इसकी जिला प्रशासन को गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शिक्षा विभाग ने जिले के सभी विद्यालय भवनों की वर्तमान स्थिति की जानकारी जिला प्रशासन को दी है? यदि दी है तो जर्जर भवनों को लेकर अब तक क्या कार्रवाई की गई? और यदि जानकारी नहीं दी गई है तो यह शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही है।
कन्हैयालाल मिश्र ने कहा कि केवल आमजन को सावधान रहने की अपील जारी करना पर्याप्त नहीं है। प्रशासन को विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन कराना चाहिए। जिन विद्यालय भवनों में बच्चों के बैठने में खतरा है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। साथ ही बारिश के कारण जोखिम वाले मार्गों की पहचान कर बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि जिले के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालय भवनों का बारिश के मद्देनजर निरीक्षण कराया जाए तथा अत्यधिक जर्जर भवनों में बच्चों की कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितियों के अनुसार विद्यालयों में अवकाश अथवा वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था पर निर्णय लिया जाए

मिश्र ने कहा कि एक ओर प्रशासन का संदेश है,‘बारिश में सतर्क रहें, सावधान रहें’, वहीं दूसरी ओर यदि नौनिहालों को असुरक्षित भवनों और जोखिम भरे रास्तों से होकर विद्यालय जाना पड़ रहा है तो यह गंभीर चिंता का विषय है। जिला प्रशासन को इस मामले में शिक्षा विभाग से जवाब लेकर बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए।

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