जन्माष्टमी से पहले कृष्णमय हुआ कोतमा, मंदिरों में सजावट और बाजारों में बढ़ी रौनक
राधा-कृष्ण की आकर्षक मूर्तियों और मोतियों-सितारों वाली पोशाकों की बढ़ी मांग, पिछले साल से 20 फीसदी तक महंगी हुईं प्रतिमाएं
रिपोर्टर भरत मिश्रा, कोतमा
कोतमा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर कोतमा नगर में तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। जन्माष्टमी में अब महज तीन दिन शेष रहने के कारण नगर के प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट की तैयारियां तेज हो गई हैं। वहीं मुख्य बाजार में भगवान श्रीकृष्ण और राधा-कृष्ण की आकर्षक प्रतिमाओं तथा रंग-बिरंगी पोशाकों की दुकानें सज गई हैं। खरीदारी के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ भी बाजारों में दिखाई देने लगी है।
जन्माष्टमी को लेकर इस बार बाजार में भगवान श्रीकृष्ण की छोटी-बड़ी और नए डिजाइन की अनेक प्रतिमाएं उपलब्ध हैं। दुकानदारों ने सितारों, मोतियों और आकर्षक रंगों से सजी भगवान की पोशाकों का भी विशेष संग्रह तैयार किया है। श्रद्धालु अपनी पसंद के अनुसार लड्डू गोपाल और राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं के साथ उनके श्रृंगार की सामग्री खरीद रहे हैं।
महंगाई का असर, 20 प्रतिशत तक बढ़े मूर्तियों के दाम
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रीकृष्ण की मूर्तियों की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। मूर्तिकारों के अनुसार पेंट, सजावट और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री के दाम बढ़ने के कारण प्रतिमाओं की लागत बढ़ी है।
पश्चिम बंगाल से आकर पिछले करीब 21 वर्षों से कोतमा में मूर्ति निर्माण का कार्य कर रहे मूर्तिकार रमेश पाल ने बताया कि इस बार उन्होंने छोटी-बड़ी मिलाकर भगवान श्रीकृष्ण की लगभग 50 प्रतिमाएं तैयार की हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिमाओं की कीमत करीब 1,000 रुपये से लेकर 7,000 रुपये तक है। जन्माष्टमी नजदीक आने के कारण वह और उनके सहयोगी दिन-रात प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
60 प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे गोपाल पाल
मूर्तिकार गोपाल पाल ने बताया कि उन्होंने इस बार भगवान श्रीकृष्ण की छोटी-बड़ी करीब 60 प्रतिमाओं का निर्माण किया है। इन प्रतिमाओं की कीमत 1,200 रुपये से लेकर 4,000 रुपये तक रखी गई है। पर्व में कुछ ही दिन शेष होने के कारण मूर्तिकारों की व्यस्तता बढ़ गई है और प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है।
मंदिरों में शुरू हुई विशेष सजावट की तैयारी
जन्माष्टमी को लेकर नगर के पंचायती मंदिर और पुरानी बस्ती स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में विशेष सजावट की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पंचायती मंदिर के पुजारी कुंज बिहारी मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा। मंदिर को भव्य रूप देने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और श्रद्धालु व आयोजन से जुड़े लोग दिन-रात जुटे हुए हैं।
वहीं पुरानी बस्ती स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। यहां प्रतिमा स्थापना के साथ कृष्ण और गोपियों की आकर्षक झांकियां सजाने की तैयारी है। आयोजन समिति से जुड़े लोगों ने पर्व को भव्य बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।
शहर में जगह-जगह सजेंगी कृष्ण की झांकियां
जन्माष्टमी के अवसर पर नगर के विभिन्न स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां सजाकर प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए अलग-अलग समितियों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। झांकियों को आकर्षक और जीवंत स्वरूप देने के लिए सजावट, विद्युत व्यवस्था और अन्य तैयारियों पर काम किया जा रहा है।
जन्माष्टमी पर्व नजदीक आते ही कोतमा के बाजारों से लेकर मंदिरों तक उत्सव का माहौल बनने लगा है। बाजार में राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं और पोशाकों की बढ़ती मांग तथा मंदिरों में चल रही तैयारियों से साफ है कि आने वाले दिनों में पूरा नगर भक्ति, आस्था और कृष्णमय वातावरण में रंगने वाला है।

































































