पुनर्वास, आजीविका, कौशल विकास एवं आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा; प्रभावित परिवारों एवं स्थानीय निवासियों से किया संवाद
माननीय प्रधानमंत्री के सलाहकार श्री तरुण कपूर ने अपने दो दिवसीय (31 अगस्त-01 सितंबर) धनबाद दौरे के दूसरे दिन आज बेलगड़िया एवं करमाटांड़ टाउनशिप का दौरा कर झरिया मास्टर प्लान (जेएमपी) के अंतर्गत प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, आजीविका, कौशल विकास, शिक्षा एवं अन्य विकासात्मक पहलों की समीक्षा की। उन्होंने दोनों टाउनशिप में पुनर्वासित परिवारों एवं स्थानीय निवासियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं की जानकारी ली।
करमाटांड़ टाउनशिप में शिक्षा एवं कौशल विकास की समीक्षा
निर्धारित कार्यक्रम के तहत श्री कपूर ने सर्वप्रथम करमाटांड़ टाउनशिप का दौरा किया, जहां उन्होंने मिडिल/हाई स्कूल का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से संवाद कर विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इसके उपरांत उन्होंने बीसीसीएल के मल्टी स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (MSDI-IV) का निरीक्षण किया और ब्यूटीशियन, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव तथा असिस्टेंट फिटर ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि विस्थापित परिवारों के बच्चों के कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एनएसडीसी के सहयोग से संचालित केन्द्रों में अब तक लगभग 800 युवाओं का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है और 250 से अधिक प्रशिक्षु विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की अवधि ढाई से तीन माह है तथा प्रशिक्षित युवाओं में अधिकांश को विभिन्न कंपनियों में रोजगार/प्लेसमेंट प्राप्त हुआ है।
बेलगड़िया टाउनशिप में पुनर्वास एवं आजीविका गतिविधियों का जायजा
इसके बाद श्री कपूर के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बेलगड़िया टाउनशिप का दौरा किया और विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय निवासियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को जाना। निवासियों द्वारा इस दौरान सुविधाओं के विस्तार तथा पुराने आवासों के उन्नयन से संबंधित आवश्यकताओं से अवगत कराया गया।
श्री कपूर ने कहा कि केंद्र सरकार का प्रयास है कि बेलगड़िया एवं करमाटांड़ टाउनशिप को बेहतर एवं आदर्श पुनर्वास स्थलों के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वर्षों से आग से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं बेहतर जीवन-परिस्थितियां उपलब्ध हो सकें। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार, आजीविका तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सभी संबंधित संस्थाओं के समन्वित प्रयासों पर बल दिया।

संयुक्त सचिव (वस्त्र मंत्रालय) श्रीमती अलकनंदा दयाल ने कहा कि पुनर्वास क्षेत्र में वस्त्र उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के व्यापक अवसरों की संभावना है। उन्होंने विशेष रूप से हैंडमेड फाइबर एवं टेक्निकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में उभरती संभावनाओं का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्री कपूर ने इसके उपरांत बीसीसीएल की सीएसआर एवं जे एम् पी पहल के सहयोग से संचालित झारशिल्प एवं प्रोजेक्ट आरोही के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल का भी अवलोकन किया, जहां हस्तशिल्प एवं विभिन्न कलात्मक उत्पाद प्रदर्शित किए गए थे। उन्होंने झरिया विहार कॉलोनी में अपग्रेडेड प्राथमिक विद्यालय, उप-स्वास्थ्य केंद्र तथा मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र-सह-प्री-नर्सरी स्कूल का उद्घाटन किया। इसके साथ ही फेज-1 में संचालित आरएसपी कॉलेज का दौरा कर प्रस्तावित आधारभूत संरचना उन्नयन एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी ली।
श्री कपूर ने MSDI-II का भी निरीक्षण किया, जहां वर्तमान में बीसीसीएल द्वारा मल्टी स्किल टेक्निशियन सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने यहां संचालित स्किल डेवलपमेंट एवं प्रोडक्शन सेंटर की गतिविधियों का भी अवलोकन किया, जिसे बीसीसीएल, जेआरडीए, झारखंड सरकार तथा राजधानी यूनिवर्सल फैब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोगात्मक प्रयासों से विकसित किया जा रहा है। केंद्र का उद्देश्य कौशल विकास, रोजगार एवं आजीविका सृजन के अवसरों को बढ़ावा देना है। वर्त्तमान संचालित कोर्सेज में प्रशिक्षण पूरा होने के पश्चात राजधानी टेक्सटाइल्स द्वारा प्रारंभिक चरण में यहां वस्त्र उद्योग से संबंधित कौशल प्रशिक्षण एवं उत्पादन गतिविधियां शुरू की जाएंगी।
समाहरणालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
दौरे के अंत में श्री कपूर ने धनबाद समाहरणालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत जेआरडीए एवं संबंधित विभागों द्वारा संचालित पुनर्वास, आधारभूत संरचना एवं विकासात्मक गतिविधियों की समीक्षा की गई। उन्होंने पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने, प्रभावित परिवारों के सुरक्षित एवं सम्मानजनक पुनर्वास को प्राथमिकता देने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, कौशल विकास एवं आधारभूत सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा कार्यों के समयबद्ध निष्पादन पर भी जोर दिया।

बैठक एवं दौरे के दौरान परियोजना सलाहकार (कोयला मंत्रालय) श्री आलोक कुमार सिंह, संयुक्त सचिव (वस्त्र मंत्रालय) श्रीमती अलकनंदा दयाल, कोल इंडिया चेयरमैन श्री बी. साईंराम, सीएमडी बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल, उपायुक्त धनबाद श्री आदित्य रंजन, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) श्री राजीव कुमार सिन्हा, एसएसपी श्री प्रभात कुमार सहित कोयला मंत्रालय, जिला प्रशासन, जेआरडीए, बीसीसीएल तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
श्री कपूर समीक्षा बैठक के उपरांत अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दुर्गापुर के लिए रवाना हुए। उनके दो दिवसीय दौरे के दौरान बीसीसीएल की परिचालन गतिविधियों, आधुनिक खनन तकनीकों, झरिया अग्नि प्रबंधन तथा झरिया मास्टर प्लान के अंतर्गत पुनर्वास एवं विकास कार्यों की समग्र समीक्षा हुई, जिसमें सुरक्षित पुनर्वास, आजीविका सृजन, कौशल विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा प्रभावित परिवारों के कल्याण को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में रेखांकित किया गया।

































































