गांवों में फैलता शराब का जाल: अवैध पैकारी, ओवररेट बिक्री और युवाओं पर बढ़ते दुष्प्रभाव से ग्रामीण चिंतित

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ताला एवं अमरपुर शराब दुकानों के खिलाफ ग्रामीणों का मोर्चा, कलेक्टर से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

 

कृष्ण कुमार उपाध्याय मानपुर बांधवगढ़ उमरिया

 

उमरिया जिले के ग्रामीण अंचलों में शराब की अवैध बिक्री और ओवररेट वसूली को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। जिले के ताला एवं कंपोजिट दुकान अमरपुर से संचालित शराब कारोबार पर गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि शराब दुकानों के संचालकों द्वारा गांव-गांव एजेंटों के माध्यम से खुलेआम पैकारी करवाई जा रही है। नियमों को दरकिनार कर ग्रामीण क्षेत्रों में शराब पहुंचाए जाने से सामाजिक वातावरण लगातार प्रभावित हो रहा है। वहीं दूसरी ओर शराब की बोतलों पर अंकित निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई गांवों में देर रात तक शराब की अवैध बिक्री हो रही है, जिससे युवाओं में शराब की लत तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीणों के अनुसार कम उम्र के युवक भी आसानी से शराब तक पहुंच बना रहे हैं, जिसके कारण परिवारों में विवाद, आर्थिक समस्याएं और सामाजिक असंतुलन जैसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि गांवों में बढ़ती शराबखोरी का सबसे ज्यादा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। पढ़ाई और रोजगार की ओर ध्यान देने के बजाय कई युवा नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है कि यदि समय रहते अवैध शराब बिक्री पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो ग्रामीण समाज में अपराध, घरेलू हिंसा और असामाजिक गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है।

मामले को गंभीर मानते हुए ग्रामीणों ने कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि गांवों में हो रही अवैध पैकारी पर तत्काल रोक लगाई जाए, ओवररेट शराब बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा इस कार्य में संलिप्त जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाए।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, गांवों में अवैध रूप से शराब पहुंचाने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई हो तथा युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।

क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि आम जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए अवैध शराब कारोबार पर सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि गांवों का वातावरण सुरक्षित, शांतिपूर्ण और स्वस्थ बना रह सके।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर कितनी तत्परता दिखाता है और अवैध शराब बिक्री तथा युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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