एसपी के निर्देश पर हरकत में आई पुलिस, आगजनी मामले की जांच शुरू
पहले नामजद शिकायत में नहीं लिखे गए थे आरोपियों के नाम, अब जांच अधिकारी मणिराम मोहरे कर रहे मामले की पड़ताल; पीड़ित को न्याय की उम्मीद
जमुना कोतमा भालूमाड़ा थाना अंतर्गत पुलिस चौकी फुनगा क्षेत्र के ग्राम प्यारी नंबर-01 (मोहरटोला) में हुई कथित आगजनी के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पीड़ित ललुआ चौधरी द्वारा पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को शिकायत दिए जाने के बाद पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच प्रारंभ कर दी है मामले की जांच मणिराम मोहरे को सौंपी गई है
पीड़ित ललुआ चौधरी का आरोप है कि 21 जून 2026 की रात लगभग 9:45 बजे सुरेश केवट, गोविंद केवट, सारथ केवट, जगदीश केवट और गोपाल केवट ने उनके घर में आग लगा दी, जिससे घर में रखा पंखा, गद्दा, तकिया, कुर्सियां, कपड़े सहित अन्य घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया और लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
ललुआ चौधरी का कहना है कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस चौकी फुनगा में नामजद शिकायत दी थी, लेकिन उनकी रिपोर्ट में आरोपियों के नाम दर्ज नहीं किए गए उनका आरोप है कि बिना पूरी जानकारी पढ़ाए उनसे हस्ताक्षर भी करा लिए गए इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी और न्याय की गुहार लगाई
पीड़ित के अनुसार पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद पुलिस ने उनका आवेदन विधिवत स्वीकार किया और मामले की जांच शुरू कर दी। वर्तमान में जांच अधिकारी मणिराम मोहरे पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रहे हैं। पीड़ित ने उम्मीद जताई है कि निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
पीड़ित ने वीडियो में क्या कहा
पीड़ित ललुआ चौधरी ने वीडियो बयान में कहा कि उन्होंने शुरू से ही आरोपियों के नाम बताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने प्रारंभिक रिपोर्ट में नाम शामिल नहीं किए। उनका कहना है कि पुलिस अधीक्षक से मिलने के बाद मामले में कार्रवाई शुरू हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि अब निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर उन्हें न्याय मिलेगा।




































