- ट्रांसफर के बाद भी मलाईदार कुर्सी पर जमे हैं आरक्षक!
शहडोल( दीपक द्विवेदी )जिले के पुलिस विभाग में प्रशासनिक कसावट लाने और कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के दावे पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा भले ही किए जा रहे हों, लेकिन मैदानी स्तर पर थानों की कार्यशैली इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। इसका एक ताजा और गंभीर उदाहरण जैतपुर थाना क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, जहां पुलिस अधीक्षक के स्पष्ट आदेशों के बावजूद तबादला पाए कर्मचारियों को अब तक रिलीव नहीं किया गया है।
- एसपी के आदेश के बाद भी जैतपुर में मेहरबानी क्यों?
पुलिस अधीक्षक जिला शहडोल द्वारा प्रशासनिक दृष्टिकोण से गत 22 अक्टूबर 2026 को पुलिस कर्मियों के स्थानांतरण और नवीन पदस्थापना की सूची जारी की गई थी। इस आदेश की क्रम संख्या 13 के मुताबिक, आरक्षक कृष्णानंद यादव का तबादला थाना जैतपुर से थाना सीधी के लिए किया गया था।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि आदेश जारी हुए लंबा वक्त बीत जाने के बावजूद जैतपुर थाना प्रबंधन द्वारा आरक्षक को रिलीव नहीं किया गया है। आखिर क्या वजह है कि जैतपुर थाना क्षेत्र में उच्चाधिकारियों के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और कागजी खानापूर्ति कर आदेशों को ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है?
विभागीय अनुशासन और स्थानीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल
जैतपुर थाना क्षेत्र में पदस्थ अमले की यह मनमानी कोई पहली बार सामने नहीं आई है। जब जिला स्तर पर एसपी कार्यालय से स्पष्ट निर्देश जारी हो चुके हैं, तब भी थाना स्तर पर ऐसे आदेशों का पालन न होना गहरी साठगांठ और संरक्षण की ओर इशारा करता है।
- क्या जैतपुर थाना प्रभारी पुलिस अधीक्षक के आदेशों को भी अपने हिसाब से लागू करवाएंगे?
- इस तरह के बेलगाम रवैये से क्या आम जनता में पुलिस विभाग की छवि धूमिल नहीं हो रही है?
- स्थानांतरण के बाद भी आखिर कौन सी ताकतें हैं जो संबंधित आरक्षक को जैतपुर से जाने नहीं दे रही हैं?
कार्रवाई की दरकार क्षेत्र में यह चर्चा आम हो चुकी है कि जैतपुर थाने की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता का अभाव है और यहां तैनात अमला विभागीय अनुशासन को ताक पर रखकर अपनी मर्जी चला रहा है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय अग्रवाल इस मामले में संज्ञान लेते हुए जैतपुर थाना प्रभारी की इस लपरवाही पर क्या कार्रवाई करते हैं और कब तक आदेश की अवहेलना करने वाले आरक्षक को तत्काल प्रभाव से रिलीव किया जाता है।







































































