एसईसीएल के बिरंची दास को एमसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) का अतिरिक्त प्रभार, 1 जुलाई से संभालेंगे नई जिम्मेदारी

बिलासपुर। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास को महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के निदेशक (मानव संसाधन) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। केंद्रीय कोयला मंत्री की स्वीकृति के बाद जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी और छह माह अथवा नियमित निदेशक (मानव संसाधन) की नियुक्ति या अगले आदेश तक लागू रहेगी।
बिरंची दास ने 20 मार्च 2024 को एसईसीएल में निदेशक (मानव संसाधन) का कार्यभार संभाला था। लगभग तीन दशक के अनुभव वाले दास ने मानव संसाधन प्रबंधन, औद्योगिक संबंध, कर्मचारी कल्याण तथा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके नेतृत्व में एसईसीएल ने कर्मचारी हितों और सामाजिक विकास से जुड़े कई नवाचारों को सफलतापूर्वक लागू किया है।
उनके कार्यकाल में संचालित “एसईसीएल की धड़कन” सीएसआर पहल के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 300 बच्चों की सफल हृदय शल्य चिकित्सा कराई जा चुकी है। वहीं “एसईसीएल के सुश्रुत” योजना के दो बैच भी सफलतापूर्वक पूरे किए गए। यह देश के किसी भी कोयला सार्वजनिक उपक्रम की पहली ऐसी योजना बनी, जिसे भारत सरकार के डीबीटी पोर्टल पर सूचीबद्ध किया गया।
मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में भी उनके नेतृत्व में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की गईं। वित्तीय वर्ष 2024-25 से अब तक 1,623 से अधिक भू-स्वामियों तथा 946 आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा कर्मचारी कल्याण, औद्योगिक संबंधों में सुधार, संगठनात्मक विकास तथा पारदर्शी मानव संसाधन नीतियों के क्रियान्वयन में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बिरंची दास ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1994 में एमसीएल के तालचेर क्षेत्र स्थित देउलबेरा कोलियरी में वेलफेयर ऑफिसर (प्रशिक्षु) के रूप में की थी। उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय, ओडिशा से पर्सोनल मैनेजमेंट एवं इंडस्ट्रियल रिलेशंस में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। एमसीएल में अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान उन्होंने औद्योगिक संबंधों को मजबूत बनाने, गैर-कार्यपालक कर्मचारियों के आवास आवंटन नियमों तथा विभिन्न मानव संसाधन नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वर्तमान में बिरंची दास छत्तीसगढ़ ईस्ट रेलवे लिमिटेड (CERL) तथा छत्तीसगढ़ ईस्ट-वेस्ट रेलवे लिमिटेड (CEWRL) के निदेशक मंडल के सदस्य भी हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए एमसीएल में अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपे जाने को कोयला क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।




































