“एक पौधा अवश्य लगाएं, पर्यावरण बचाएं” : पार्षद पवन चीनी ने किया पौधारोपण, हरियाली बढ़ाने का दिया संदेश

अनूपपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगर परिषद बरगवां-अमलाई क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व क्षेत्र के पार्षद एवं समाजसेवी पवन चीनी ने किया। इस दौरान विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पौधे रोपे गए तथा स्थानीय नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संदेश दिया गया।
पौधारोपण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरण प्रेमी शामिल हुए। सभी ने मिलकर पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान पार्षद पवन चीनी ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और लगातार घटते हरित क्षेत्र के कारण पर्यावरण असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इसका प्रभाव मानव जीवन के साथ-साथ वन्य जीवों और प्राकृतिक संसाधनों पर भी पड़ रहा है। ऐसे समय में प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाए।
उन्होंने कहा कि वृक्ष प्रकृति का अनमोल उपहार हैं। वृक्ष हमें शुद्ध ऑक्सीजन, छाया, फल, औषधीय गुण तथा स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। इसके साथ ही वे जलवायु संतुलन बनाए रखने और वर्षा चक्र को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए वृक्षारोपण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक जनआंदोलन है।
पार्षद पवन चीनी ने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी नियमित देखभाल भी करे। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर वृक्ष बनने तक संरक्षित करना भी उतना ही आवश्यक है। यदि समाज का हर व्यक्ति इस दिशा में अपना योगदान दे तो क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के साथ-साथ प्रदूषण की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल संरक्षण करने, प्लास्टिक का कम उपयोग करने तथा स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया तथा क्षेत्र में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम लोगों को प्रकृति के महत्व से जोड़ने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।




































