अनूपपुर,18 अक्टूबर 2026/कभी जो जमीन वीरान और रिक्त पड़ी थी, आज वहां हरे-भरे आम के पौधों की कतारें भविष्य की समृद्धि की कहानी कह रही हैं। यह बदलाव की कहानी है जनपद पंचायत अनूपपुर के ग्राम पंचायत बदरा की
ग्राम पंचायत बदरा में शासकीय भूमि लंबे समय से रिक्त पड़ी थी। न तो उस पर खेती होती थी और न ही उसका कोई उपयोग हो पा रहा था। तब ग्राम पंचायत ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की सामुदायिक फलदार वृक्षारोपण योजना के तहत इस जमीन को आबाद करने का संकल्प लिया।
योजना ने ऐसे बदली तस्वीर
ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव बनाकर जनपद पंचायत अनूपपुर को भेजा गया। स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ हुआ। मनरेगा के तहत लगभग 5625 हाइब्रिड आम जिसमे दशहरी, आम्रपाली, लंगड़ा, और चौसा आम के पौधों का रोपण कर एक विशाल सामुदायिक फलोद्यान विकसित किया गया है।
इस कार्य में स्थानीय मजदूरों को सहज रोजगार मिला। गड्ढा खोदने, पौध रोपण, सिंचाई और फेंसिंग का पूरा कार्य मनरेगा मजदूरों द्वारा ही किया गया।
बंजर जमीन बनी आय का स्रोत
सरपंच ने बताया कि पहले यह शासकीय भूमि पूरी तरह से अनुपयोगी थी। अब यहां विकसित यह आम फलोद्यान आने वाले वर्षों में भरपूर फल देने लगेगा।
फलों की आवक इस वर्ष से प्रारंभ भी हो गई है इससे पंचायत को हर साल लाखों रुपये की आय होगी। इस आय से पंचायत अपने विकास कार्य कर सकेगी। साथ ही बगीचे की देखरेख से गांव के लोगों को निरंतर रोजगार भी मिलता रहेगा।
यह सिर्फ वृक्षारोपण नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण,रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर पंचायत की दिशा में एक बड़ा कदम है। आज बदरा का फलोद्यान जिले की प्रेरणा बन गया है।







































































