अविश्वास प्रस्ताव स्थगित होते ही जनपद में सियासी भूचाल

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अविश्वास प्रस्ताव स्थगित होते ही जनपद में सियासी भूचाल

मतदान टलने से नाराज 13 जनपद सदस्यों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप

जमुना-कोतमा/अनूपपुर। जनपद पंचायत अनूपपुर की राजनीति में बुधवार को उस समय बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब जनपद अध्यक्ष के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर प्रस्तावित मतदान को कलेक्टर द्वारा आगामी आदेश तक स्थगित किए जाने के विरोध में 13 जनपद सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा देने का निर्णय ले लिया। इस घटनाक्रम ने जनपद पंचायत की राजनीति में हलचल मचा दी है और पूरे जिले में इसकी चर्चा तेज हो गई है।

जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध नियमानुसार अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था, जिस पर मतदान के लिए 10 जून की तिथि निर्धारित की गई थी। सभी सदस्य मतदान की तैयारी में जुटे हुए थे, लेकिन मतदान से ठीक एक दिन पहले जारी आदेश में सम्मेलन को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया। इस निर्णय से जनपद सदस्यों में भारी नाराजगी व्याप्त हो गई।

सदस्यों का आरोप है कि मतदान स्थगित किए जाने की कोई औपचारिक सूचना उन्हें नहीं दी गई। उन्हें इस निर्णय की जानकारी अन्य माध्यमों से प्राप्त हुई, जिससे वे स्वयं को उपेक्षित और अपमानित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था और निर्धारित तिथि पर मतदान होना चाहिए था।

विरोध स्वरूप सभी 13 सदस्य जनपद पंचायत परिसर में एकत्र हुए और सामूहिक रूप से त्यागपत्र देने का निर्णय लिया। उन्होंने कलेक्टर को संबोधित अपने इस्तीफे में स्पष्ट किया है कि यदि अविश्वास प्रस्ताव पर शीघ्र मतदान नहीं कराया जाता है तो उनके त्यागपत्र स्वीकार किए जाएं।

जनपद पंचायत उपाध्यक्ष तेजभान सिंह ने कहा कि सभी सदस्य लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान की तिथि तय होने के बाद अंतिम समय में उसे स्थगित करना जनप्रतिनिधियों की भावनाओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहुमत की भावना का सम्मान होना चाहिए और प्रशासन को इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।

सामूहिक इस्तीफा देने वाले सदस्यों में तेजभान सिंह, दुर्गावती पटेल, अराधिका पाव, बशोदा सिंह, चंद्रवती सिंह, राया सिंह, केशर चंदा, लालबहादुर सिंह मार्को, लालबहादुर साहू, रायचंद्र सिंह, जमिला पाव, रानी प्रजापति तथा केमल सिंह शामिल हैं।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद जनपद पंचायत अनूपपुर की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि इस्तीफे स्वीकार होते हैं या अविश्वास प्रस्ताव पर पुनः मतदान की तिथि घोषित की जाती है, तो इसका सीधा असर जनपद पंचायत की सत्ता समीकरणों पर पड़ सकता है।

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