अनूपपुर-शहडोल सीमा पर हाथियों की दहशत, कई गांवों के जंगलों में लगातार विचरण

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ग्रामीणों में भय का माहौल, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट; खेतों और बस्तियों के पास पहुंच रहे दंतैल हाथी

 

कोईलांचल समाचार के लिए रिपोर्टर शशिधर अग्रवाल

 

अनूपपुर। अनूपपुर जिले सहित आसपास के वन क्षेत्रों में हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बुधवार 13 मई 2026 को प्राप्त जानकारी के अनुसार अनूपपुर एवं जैतहरी क्षेत्र में चार हाथी तथा छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन क्षेत्र में एक बड़ा दंतैल हाथी विचरण कर रहा है। हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग एवं स्थानीय ग्रामीण लगातार सतर्कता बनाए हुए हैं।

 

जानकारी के अनुसार पहला दंतैल हाथी मंगलवार को अनूपपुर से लगभग 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत खांड़ा के खोलगढ़ी गांव के जंगल में विश्राम करता देखा गया था। देर रात यह हाथी खोलगढ़ी गांव से कठना नदी पार कर शहडोल जिले की ग्राम पंचायत रामपुर अंतर्गत बैरिहा गांव पहुंच गया। वहां से यह हाथी पड़रिया पंचायत क्षेत्र में कठना नदी के पास घोघरा घाट में भोले केवट के घर के आसपास विचरण करता रहा। बुधवार सुबह पुनः यह हाथी कठना नदी पार कर अनूपपुर जिले के ग्राम पंचायत खांड़ा के खोलगढ़ी एवं ग्राम पंचायत मझगवा के चटुवा गांव से लगे जंगल क्षेत्र में पहुंच गया। ग्रामीणों ने हाथी की लगातार गतिविधियों की सूचना वन विभाग को दी है।

 

वहीं दूसरी ओर तीन हाथियों का समूह लगातार पांचवें दिन जैतहरी वन परिक्षेत्र के जंगलों में विचरण करता रहा। यह समूह वन बीट धनगवा अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़रिया एवं कुकुरगोड़ा के मध्य स्थित चोई के भलुवान टोला तथा बेल्हाटोला के आसपास आमापानी जंगल क्षेत्र में देखा गया। बुधवार को छठवें दिन भी इन हाथियों के जंगल के भीतर ही ठहरने और विश्राम करने की सूचना प्राप्त हुई है। हाथियों की मौजूदगी के कारण आसपास के गांवों में लोग शाम ढलते ही घरों में रहने को मजबूर हैं।

 

इसके अलावा एक बड़ा दंतैल हाथी छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन मंडल क्षेत्र में भी सक्रिय बना हुआ है। यह हाथी तीन दिन पहले अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र से मरवाही वन परिक्षेत्र के शिवनी बीट होते हुए घुसरिया बीट के जंगलों में पहुंचा था। मंगलवार देर शाम यह हाथी घुसरिया के पटेल टोला से होते हुए चिचगोहना और कुम्हारी गांवों के मध्य पहुंचा, जहां उसने किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया। बुधवार सुबह यह हाथी घुसरिया बीट के लेगरा डोंगरी जंगल कक्ष क्रमांक 2051 में विश्राम करता पाया गया। यह क्षेत्र अनूपपुर जिले की सीमा से लगभग 20 से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

 

लगातार हाथियों की गतिविधियों के चलते वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीणों को रात के समय जंगलों एवं नदी किनारे क्षेत्रों में अकेले न जाने, हाथियों के नजदीक न पहुंचने तथा किसी भी गतिविधि की तत्काल सूचना वन अमले को देने के निर्देश दिए गए हैं। हाथियों के विचरण से किसानों में भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि कई स्थानों पर फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं।

 

वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल द्वारा संकलित जानकारी के अनुसार वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की निगरानी कर रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग की चुनौती भी बढ़ती जा रही है।

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