अनूपपुर सब्जी मंडी में वसूली भाइयों का राज
वाहन स्टैंड के नाम पर बिना रसीद वसूली के आरोप व्यापारियों में रोष कैमरे में कैद हुई वसूली
पत्रकार ने सवाल पूछा तो कंप्रोमाइज की पेशकश का आरोप फिर आया फोन ढुल्लू का ठेका है वही बात करेंगे
टैक्सी स्टैंड का ठेका आखिर कहां तक लागू नगर पालिका प्रशासन से जवाब की मांग
ओंकार सिंह की रिपोर्ट
अनूपपुर। जिला मुख्यालय स्थित सब्जी मंडी में वाहन स्टैंड के नाम पर कथित रूप से की जा रही वसूली ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारियों की शिकायत है कि मंडी के अंदर से लेकर मुख्य गेट और आसपास की सड़क तक माल लेकर आने जाने वाले वाहनों से पैसे लिए जा रहे हैं और कथित तौर पर कई मामलों में इसकी रसीद तक नहीं दी जा रही। व्यापारियों की शिकायत मिलने के बाद मीडिया टीम ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की जिसमें वसूली किए जाने के दृश्य कैमरे में कैद होने का दावा किया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वसूली वैध है तो उसकी अधिकृत दर क्या है ठेके की सीमा कहां से कहां तक है और प्रत्येक भुगतान की रसीद क्यों नहीं दी जा रही नगर पालिका परिषद को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित ठेका किस मद में किस व्यक्ति अथवा फर्म को कितनी राशि में और किन स्थानों से शुल्क वसूलने के अधिकार के साथ दिया गया है।
मंडी के अंदर से सड़क तक आखिर किस आदेश पर वसूली
सब्जी मंडी में प्रतिदिन ट्रक पिकअप तथा अन्य छोटे बड़े मालवाहक वाहनों से व्यापारी सब्जियां लेकर पहुंचते हैं। व्यापारियों का आरोप है कि वाहन स्टैंड के नाम पर उनसे पैसे लिए जा रहे हैं। सवाल यह भी है कि यदि ठेका टैक्सी स्टैंड का है तो उसकी निर्धारित जगह कहां है और क्या सब्जी मंडी में आने वाले मालवाहक वाहनों से भी शुल्क लेने का अधिकार ठेकेदार को दिया गया है यदि अधिकार दिया गया है तो नगर पालिका उसका आदेश निर्धारित शुल्क और क्षेत्र सार्वजनिक करे। और यदि ऐसा कोई अधिकार नहीं है तो फिर मंडी परिसर गेट और सड़क तक कथित वसूली किसके संरक्षण में चल रही है
पत्रकार से कहा समाचार मत लगाओ कंप्रोमाइज कर लेते हैं
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब मौके पर वसूली कर रहे व्यक्ति से पत्रकार ने इस संबंध में सवाल किए। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने समाचार प्रकाशित नहीं करने की बात कहते हुए कंप्रोमाइज करने का प्रस्ताव रखा जिसे पत्रकार ने स्पष्ट रूप से अस्वीकार करते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामले में समाचार अवश्य प्रकाशित होगा। इसके बाद पत्रकार को फोन कर कथित रूप से कहा गया कि ढुल्लू का ठेका है वही आपसे बात करेंगे। अब सवाल उठता है कि आखिर यह ढुल्लू कौन है उसके नाम पर कौन सा ठेका है ठेके की शर्तें क्या हैं और यदि ठेका वैध है तो बिना रसीद पैसे लिए जाने की शिकायतें क्यों सामने आ रही हैं
व्यापारियों की जेब पर बोझ जिम्मेदार विभाग क्यों मौन
सब्जी व्यापारियों का कहना है कि ट्रकों से माल मंडी तक आता है और फिर पिकअप सहित अन्य वाहनों से आगे जाता है। ऐसे में बार बार शुल्क लिए जाने से कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। यदि यह शुल्क नियमों के तहत है तो इसकी रसीद और निर्धारित दर सामने होनी चाहिए। सरकारी निकाय के ठेके की आड़ में मनमानी वसूली की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। अब नगर पालिका परिषद अनूपपुर और जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए। मंडी एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग ठेका दस्तावेज वसूली की निर्धारित दर रसीद बुक तथा वसूली करने के लिए अधिकृत व्यक्तियों की सूची की जांच की जाए




























































