अमलाई के युवा रैपर सैयद अल्तमश (अर्श) की उड़ान: जिम्मेदारियों के बीच जिंदा रखा हिप-हॉप का सपना -पार्षद पवन चीनी
अनूपपुर। जिले के नगर परिषद बरगवां-अमलाई के वार्ड क्रमांक 6 निवासी अज्जू खान के पुत्र 22 वर्षीय सैयद अल्तमश (अर्श) अपनी मेहनत, संघर्ष और हिप-हॉप के प्रति जुनून के दम पर युवाओं के बीच तेजी से पहचान बना रहे हैं। पढ़ाई, नौकरी और संगीत—तीनों को संतुलित करते हुए उन्होंने यह साबित किया है कि कठिन परिस्थितियां भी सपनों की राह नहीं रोक सकतीं।
पढ़ाई के साथ निभाई जिम्मेदारियां
सैयद अल्तमश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कार्मेल कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, अमलाई से प्राप्त की तथा आगे की पढ़ाई ग्रीन बेल्स पब्लिक स्कूल, बुढ़ार से की। इसके बाद उन्होंने इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) से बीबीए की पढ़ाई शुरू की। परिवार पर आर्थिक बोझ कम करने के उद्देश्य से उन्होंने मात्र 18 वर्ष की उम्र में नौकरी शुरू कर दी और अपनी पढ़ाई का खर्च स्वयं उठाया। वर्तमान में वे यूके आधारित कंपनी Xtrim Global Solution में कार्यरत हैं।
बचपन से रहा हिप-हॉप का जुनून
अल्तमश ने महज 11 वर्ष की उम्र में हिप-हॉप डांस सीखना शुरू किया था। उनका सपना एक सफल डांसर बनने का था, लेकिन पढ़ाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण यह सपना कुछ समय के लिए पीछे छूट गया। इसके बावजूद संगीत और हिप-हॉप के प्रति उनका लगाव कभी कम नहीं हुआ।
संघर्ष को बनाया रैप की पहचान
वर्ष 2022 में उन्होंने रैप लिखना और अपना ओरिजिनल म्यूजिक तैयार करना शुरू किया। उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष, छोटे शहर की सोच, सपनों और हकीकत को अपने गीतों में जगह दी। उनके रैप की सच्चाई और रॉ स्टाइल ने युवाओं को उनसे जोड़ना शुरू कर दिया।
इंस्टाग्राम पर मिली लोकप्रियता
सैयद अल्तमश मुख्य रूप से अपने रैप वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा करते हैं, जहां उनके गानों को लगातार सराहना मिल रही है। उनके एक रैप में अमलाई और शहडोल का उल्लेख होने के बाद वह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने उनकी आवाज और लेखन की प्रशंसा की।
बिना बड़े प्लेटफॉर्म के बनाई पहचान
अब तक अल्तमश ने यूट्यूब या स्पॉटिफाई जैसे बड़े म्यूजिक प्लेटफॉर्म पर अपना आधिकारिक कंटेंट रिलीज नहीं किया है। इसके बावजूद अमलाई, शहडोल और आसपास के क्षेत्रों में उन्होंने अपनी मजबूत पहचान और फैन बेस तैयार कर लिया है। उनके प्रशंसकों का मानना है कि उनके रैप की सबसे बड़ी ताकत उनकी सच्ची कहानी, दमदार शब्द और युवाओं को प्रेरित करने वाला संदेश है।
18 गानों के एल्बम की तैयारी
सैयद अल्तमश इन दिनों अपने अब तक के सबसे बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। उन्होंने इस वर्ष 18 गानों का एक एल्बम रिलीज करने की योजना बनाई है। इस एल्बम के माध्यम से वे शहडोल और पूरे मध्य प्रदेश की संस्कृति, संघर्ष और पहचान को देशभर तक पहुंचाना चाहते हैं। एल्बम का प्रत्येक गीत उनके शहर, वहां के लोगों और स्थानीय जीवन से प्रेरित होगा।
परिवार और नगरवासियों को दिया श्रेय
सैयद अल्तमश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता रफीक अहमद (अज्जू), परिवार, वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद समाजसेवी पवन गलवानी (चीनी चाचा) तथा अमलाई नगरवासियों के सहयोग और आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि सभी के विश्वास और समर्थन ने उन्हें अपने सपनों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी।
छोटे शहर से निकलकर बड़े सपने देखने वाले सैयद अल्तमश का सफर इस बात का उदाहरण है कि यदि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास हो, तो जिम्मेदारियां भी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकतीं। आने वाले समय में वे मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के हिप-हॉप मंच पर भी अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं।




































