- बारिश और बादलों के चलते नहीं हुए चंद्र दर्शन , महिलाओं ने वीडियो कॉल के जरिए दूसरे शहरों में निकले चांद का किया दर्शन
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में करवाचौथ का पर्व पारंपरिक श्रद्धा , आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया । इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु , सुख-समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए दिनभर निर्जला व्रत रखा । महिलाओं ने पूरे विधि-विधान और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ करवाचौथ का पूजन-अर्चन किया ।
रात्रि में चंद्रमा के दर्शन के साथ व्रत खोलने की प्रतीक्षा कर रही महिलाओं को मौसम ने निराश किया । अमरकंटक क्षेत्र में लगातार बारिश और आसमान में बादल छाए रहने के कारण अमरकंटक में चंद्रमा के दर्शन नहीं हो सके । ऐसे में महिलाओं ने दूसरे शहरों में निकले चांद का वीडियो कॉलिंग या फोटो के माध्यम से दर्शन किया और अपनी धार्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए व्रत का समापन किया ।
करवाचौथ पूजन में महिलाओं ने दीपक , जल से भरा करवा , छलनी , रोली , अक्षत , पुष्प , मिठाई , फल और सिंदूर सहित पूजन सामग्री के साथ विधिवत पूजा की । चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित कर पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-शांति की कामना की । इसके बाद छलनी से पति का चेहरा देखकर उनके हाथों से जल ग्रहण किया और मिष्ठान खाकर अपना निर्जला व्रत खोला ।
करवाचौथ का यह पर्व पति-पत्नी के प्रेम , विश्वास , समर्पण और पारिवारिक एकता का प्रतीक माना जाता है । मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद महिलाओं की अटूट आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी ।






































































