भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) द्वारा आज कल्याण मंडप, जगजीवन नगर में कंपनी के अधिकारियों हेतु ‘चारों नई श्रम संहिताओं’ पर एक विशेष संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उप मुख्य श्रमायुक्त (केन्द्रीय), धनबाद श्री सुमित कुमार, श्री अभिनव तिवारी, क्षेत्रीय श्रमायुक्त (केंद्रीय), धनबाद, श्री राहुल कुमार, सहायक श्रमायुक्त (केंद्रीय), धनबाद, श्री सर्वेश शर्मा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी (केन्द्रीय), धनबाद द्वारा प्रतिभागियों को चारों श्रम संहिताओं के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा इनके प्रभावी अनुपालन के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को भारत सरकार द्वारा अधिनियमित चारों नई श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों, उनके व्यावहारिक पक्ष एवं अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं की समुचित जानकारी प्रदान करना तथा संगठन में इनके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया ने की। इस अवसर पर महाप्रबंधक (लोदना) श्री अनिल कुमार सिन्हा, महाप्रबंधक (सिजुआ) श्री निर्झर चक्रबर्ती, महाप्रबंधक (कुसुंडा) श्री निखिल बी. त्रिवेदी, महाप्रबंधक (पीबी) श्री जयंता दास, महाप्रबंधक (बरोरा) श्री के. के. सिंह, महाप्रबंधक (ब्लॉक-II) श्री कुमार रंजीव, महाप्रबंधक (ईस्टर्न झरिया) श्री तुनेश्वर पासवान एवं अन्य क्षेत्रीय महाप्रबंधक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री कुमार मनोज, महाप्रबंधक (श्रमशक्ति नियोजन) श्री अर्पण घोष, विभागाध्यक्ष (औद्योगिक संबंध/सीएसआर) श्री सुरेन्द्र भूषण, विभागाध्यक्ष (प्रशासन) श्री मनीष मिश्रा, विभागाध्यक्ष (अधिकारी स्थापना) श्रीमती शोभा जैतुन कुजूर सहित मुख्यालय के अन्य महाप्रबंधकगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, विभिन्न क्षेत्रों के परियोजना पदाधिकारी, क्षेत्रीय प्रबंधक (मानव संसाधन) तथा मुख्यालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के औपचारिक स्वागत, राष्ट्रगीत एवं कोल इंडिया गीत के साथ की गई। स्वागत संबोधन करते हुए निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया ने कार्यक्रम की आवश्यकता, महत्व एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान औद्योगिक परिवेश में श्रम कानूनों में हो रहे बदलावों की समुचित जानकारी तथा उनका प्रभावी अनुपालन संगठन के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चारों नई श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा औद्योगिक संबंधों में पारदर्शिता एवं संतुलन स्थापित करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे नई श्रम संहिताओं के प्रावधानों को भली-भांति समझते हुए अपने-अपने कार्यक्षेत्र में इनके प्रभावी एवं व्यावहारिक क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं।
तकनीकी सत्र में उप मुख्य श्रमायुक्त (केन्द्रीय), धनबाद श्री सुमित कुमार ने विस्तृत पॉवरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से चारों नई श्रम संहिताओं – मजदूरी संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएँ संहिता, 2020 तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को इन संहिताओं के विभिन्न प्रावधानों, नियोक्ता एवं श्रमिकों से संबंधित दायित्वों, अनुपालन प्रक्रिया तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए प्रासंगिक विधिक पहलुओं की जानकारी दी। इस दौरान व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएँ संहिता (ओएसएच कोड), लाइसेंसिंग व्यवस्था, मजदूरी संबंधी प्रावधानों, नियुक्ति प्रक्रिया, महिला कर्मियों से संबंधित वैधानिक प्रावधानों तथा अन्य विशेष प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बदलते औद्योगिक परिवेश में श्रम संहिताओं के प्रभावी एवं व्यावहारिक अनुपालन की आवश्यकता पर बल देते हुए इनके विभिन्न प्रावधानों की स्पष्ट समझ को संगठन में सुचारु कार्यप्रणाली, विधिक अनुपालन तथा सकारात्मक औद्योगिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि चारों नई श्रम संहिताएँ देश में श्रम कानूनों को अधिक सरल, समेकित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि इन संहिताओं का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के साथ-साथ उद्योगों के लिए सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी अनुपालन व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बदलते औद्योगिक परिवेश में श्रम कानूनों के प्रावधानों की समुचित समझ और उनका प्रभावी क्रियान्वयन बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे श्रम संहिताओं के प्रावधानों को केवल विधिक आवश्यकता के रूप में न देखते हुए उन्हें बेहतर औद्योगिक संबंध, कार्यकुशलता, सुरक्षित कार्यपरिवेश तथा सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाएं।
समापन सत्र में प्रश्नोत्तरी एवं संवादात्मक चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें श्री सुमित कुमार एवं श्रम विभाग के उपस्थित अन्य अधिकारियों ने प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का विस्तारपूर्वक समाधान किया। इस सत्र के माध्यम से अधिकारियों को चारों श्रम संहिताओं के प्रावधानों की व्यावहारिक समझ विकसित करने तथा कार्यस्थल पर उनके प्रभावी अनुपालन से जुड़े विषयों को स्पष्ट करने में सहायता मिली। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रबंधक (मानव संसाधन) श्री शेख मोहम्मद माशूक ने किया।
चारों नई श्रम संहिताओं पर आयोजित यह विशेष संवादात्मक सत्र बीसीसीएल में विधिक अनुपालन को सुदृढ़ करने, बेहतर औद्योगिक संबंधों को बढ़ावा देने, श्रमिक कल्याण सुनिश्चित करने तथा संगठनात्मक कार्यकुशलता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।
















