3 किलो गांजा और 3 जिंदा कारतूस के साथ पकड़े गए आरोपी को नहीं मिली राहत
कोतमा पुलिस की कार्रवाई के मामले में अदालत ने जमानत याचिका की निरस्त, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत जेल में बंद आरोपी
अनूपपुर। कोतमा थाना क्षेत्र में अवैध रूप से गांजा और जिंदा कारतूस रखने के मामले में गिरफ्तार आरोपी को अदालत से भी राहत नहीं मिली। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पटेल की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी शिवा विश्वकर्मा की जमानत याचिका निरस्त कर दी। शासन की ओर से जिला लोक अभियोजक कार्यालय के लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने प्रभावी पैरवी करते हुए जमानत का विरोध किया।
अभियोजन के अनुसार 13 जुलाई 2026 को कोतमा थाना पुलिस द्वारा नेशनल हाईवे-43 स्थित पथरौली टोल नाका बायपास पर नियमित वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक ग्रैंड विटारा कार (क्रमांक MP18ZE5709) पुलिस को देखकर तेज गति से भागने लगी। संदेह होने पर पुलिस टीम ने पीछा कर वाहन को रोक लिया।
तलाशी के दौरान वाहन चालक शिवा विश्वकर्मा (30 वर्ष), निवासी लालपुर, थाना बुढ़ार, जिला शहडोल तथा उसके साथ मौजूद रेखा उर्फ मनीषा गुप्ता, निवासी सतना वाहन में बैठे मिले। पुलिस ने वाहन की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 3 किलो 58 ग्राम अवैध गांजा और 0.32 एमएम के तीन जिंदा कारतूस बरामद किए। दोनों आरोपियों के पास इन वस्तुओं को रखने का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं थी।
पुलिस ने मौके पर ही मादक पदार्थ और कारतूस जब्त कर आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान लिए गए मेमोरेण्डम कथन में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले कई दिनों से अपने साथी के साथ मिलकर अवैध रूप से गांजा बेचने का कार्य कर रहा था।
इस मामले में थाना कोतमा में अपराध क्रमांक 368/2026 दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20(बी) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत प्रकरण कायम किया गया। न्यायिक प्रक्रिया के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
जेल में निरुद्ध आरोपी शिवा विश्वकर्मा ने प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में जमानत याचिका प्रस्तुत की थी। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ एवं अवैध कारतूस बरामद हुए हैं तथा अपराध गंभीर प्रकृति का है। ऐसे में जमानत दिए जाने से जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अपराध की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों तथा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरोपी शिवा विश्वकर्मा की जमानत याचिका निरस्त कर दी। आरोपी 14 जुलाई 2026 से जिला जेल अनूपपुर में निरुद्ध है। मामले की विवेचना एवं न्यायिक कार्रवाई जारी है।





























































