बिजुरी और रीवा हत्याकांड पर शिवसेना का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

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थाना प्रभारी को हटाने, CBI जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट से कार्रवाई की मांग; 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

 

कोतमा/अनूपपुर, 24 मई 2026। बिजुरी क्षेत्र में युवती की हत्या और मामले के गवाह की संदिग्ध मौत तथा रीवा में दो जैन साध्वियों की मृत्यु के मामले को लेकर शिवसेना ने राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन एसडीएम कोतमा के माध्यम से प्रेषित किया गया।

 

शिवसेना शहडोल संभाग अध्यक्ष पवन पटेल के निर्देश पर जिला अध्यक्ष राजेश महाराणा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपते हुए दोनों घटनाओं की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। संगठन ने कहा कि इन घटनाओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

 

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि बिजुरी क्षेत्र में 20 वर्षीय युवती की हत्या के बाद मामले से जुड़े एकमात्र बताए जा रहे गवाह 17 वर्षीय अमन यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने जनमानस में कई आशंकाएं पैदा कर दी हैं। वहीं रीवा में दो जैन साध्वियों की कार से कुचलकर हुई मौत को लेकर भी संगठन ने कठोर कार्रवाई की मांग की।

 

जिला अध्यक्ष राजेश महाराणा ने आरोप लगाया कि बिजुरी थाना क्षेत्र में अपराधों की घटनाएं बढ़ी हैं तथा आमजन में भय का वातावरण है। उन्होंने कहा कि जब से थाना प्रभारी ने पदभार संभाला है, क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि दोनों मामलों की जांच CBI से कराई जाए तथा इसकी निगरानी हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की देखरेख में कराई जाए।

 

शिवसेना ने ज्ञापन में मांग की कि बिजुरी और रीवा हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर तीन माह के भीतर कठोर दंड सुनिश्चित किया जाए, बिजुरी मामले से जुड़े गवाह अमन यादव की संदिग्ध मौत की CBI जांच कराई जाए तथा दोनों मामलों की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं सरकारी नौकरी देने, मध्यप्रदेश में “संत सुरक्षा अधिनियम” लागू करने तथा बिजुरी थाना प्रभारी का तत्काल स्थानांतरण किए जाने की मांग भी रखी गई।

 

शिवसेना पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

 

ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर अध्यक्ष बरकत कुरैशी, त्रिदेव महाराणा, दुर्गेश चौधरी, भूपेंद्र सिंह, महेंद्र यादव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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