जनजातीय विश्वविद्यालय में जातीय तनाव और अनुशासनहीनता के आरोप, शिक्षकों ने की जांच व कार्रवाई की मांग
अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय, अमरकंटक एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों ने प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि परिसर में जातिवाद, क्षेत्रवाद और अनुशासनहीनता का माहौल बनाया जा रहा है, जिससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। शिकायत में विश्वविद्यालय में खरीद, निर्माण कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए गए हैं तथा निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार 20 मई 2026 को बी.वोक. छठवें सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान एक छात्र द्वारा बिना अनुमति परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने, वीडियो रिकॉर्डिंग करने तथा परीक्षा प्रक्रिया में व्यवधान उत्पन्न करने का आरोप लगाया गया है। शिक्षकों का कहना है कि संबंधित छात्र परीक्षा में शामिल होने के लिए निर्धारित पात्रता पूरी नहीं करता था। शिकायत में अभद्र व्यवहार और दबाव बनाने जैसे आरोप भी दर्ज किए गए हैं।
शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की गंभीर जांच कराने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आवश्यक होने पर जिला प्रशासन को भी अवगत कराने का आग्रह किया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन एवं बाहरी गतिविधियों के लिए नियमानुसार अनुमति आवश्यक है।
वहीं शिकायत में कुछ बाहरी तत्वों की मौजूदगी, प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े होने के आरोप तथा पूर्व में धार्मिक भावनाओं से जुड़े कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले को लेकर परिसर में चर्चा का माहौल बना हुआ है तथा जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




































