जिला प्रशासन द्वारा जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के किए जा रहे विशेष प्रयास-कलेक्टर
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सोन नदी में किया गया श्रमदान
श्रमदान कार्यक्रम में जल के संरक्षण एवं संवर्धन का लिया गया प्रण
अनूपपुर 25 मई 2026/ मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि जल स्त्रोतों का संरक्षण वर्तमान एवं भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल का मानव जीवन में विशेष महत्व है तथा प्रातःकाल से लेकर रात्रि विश्राम तक प्रत्येक कार्य में जल की आवश्यकता होती है। राज्य सरकार द्वारा इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अनुकरणीय प्रयास किए जा रहे हैं। राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान एक राज्य स्तरीय जन-आंदोलन है। वर्ष 2025 में यह अभियान 30 मार्च से 30 जून तक संचालित किया गया था तथा वर्ष 2026 में भी अभियान पूरे उत्साह एवं जनसहभागिता के साथ संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्त्रोतों का संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन सुनिश्चित करना है, जिससे प्रदेश को जल संकट से मुक्त बनाया जा सके। राज्यमंत्री श्री दिलीप जायसवाल आज अनूपपुर नगर स्थित सोन नदी में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आयोजित ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ अंतर्गत श्रमदान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
राज्यमंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने सभी को गंगा दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिला प्रशासन अनूपपुर द्वारा ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अनेक सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी का कर्तव्य है कि जल स्त्रोतों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा तालाबों के कैचमेंट एरिया में नियमित रूप से श्रमदान अभियान चलाकर साफ-सफाई की जाए। उन्होंने प्रदेश एवं जिले के सभी नागरिकों को इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्षा जल संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है। उन्होंने घरों में सोखता गड्ढा तथा हैंडपंपों के समीप सोखता पिट निर्माण की पहल किए जाने पर भी बल दिया, जिससे वर्षा जल का संरक्षण एवं भू-जल स्तर में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
इस दौरान कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अनूपपुर जिले में विगत वर्ष अनेक तालाबों का निर्माण कराया गया था, जो वर्तमान में भी सक्रिय हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनसे व्यापक लाभ प्राप्त हो रहा है। कलेक्टर श्री पंचोली ने कहा कि अभियान के अंतर्गत इसी प्रकार श्रमदान कार्यक्रम आयोजित कर जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में निरंतर पहल की जाएगी। उन्होंने सभी नागरिकों से सप्ताह में कम से कम एक दिन जल स्त्रोतों की साफ-सफाई एवं स्वच्छता के लिए श्रमदान करने का संकल्प लेने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है।
श्रमदान कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्री दिलीप जायसवाल, कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती पार्वती राठौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जन अभियान परिषद से जुड़े स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, एनएसएस एवं एनसीसी के छात्र-छात्राओं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता निभाई। सभी ने सोन नदी की स्वच्छता एवं संरक्षण के उद्देश्य से श्रमदान किया। इस अवसर पर जल स्त्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं स्वच्छता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।




































