कोतमा। कोयला अंचल में अवैध कारोबारियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें कानून या पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है। कोतमा और गणेश नगर से निकलने वाला अवैध कोयला किसी चोर-रास्ते से नहीं, बल्कि सीधे शहर के बीचों-बीच से होकर बेखौफ गुजारा जा रहा है। दिन के उजाले में व्यस्त चौराहों और मुख्य बाजारों से होकर तस्कर अपनी गाड़ियां निकाल रहे हैं, जो सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी को खुली चुनौती है।
हैरानी की बात यह है कि जिन सड़कों पर आम जनता पर चेकिंग और चालान की कार्रवाई के लिए पुलिस बल तैनात रहता है, उन्हीं सड़कों से क्षमता से अधिक अवैध कोयला लादे दोपहिया वाहन पुलिस की नाक के नीचे से आराम से निकल जाते हैं। खाकी के इस लचर रवैये से ऐसा प्रतीत होता है जैसे जिम्मेदार अधिकारियों ने इस अवैध खेल के आगे घुटने टेक दिए हैं या फिर सब कुछ जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है। शहर के मुख्य रास्तों से बेधड़क गुजरती ये गाड़ियां बेलिया बड़ी के रास्ते ग्रामीण अंचलों के ईंट भट्टों और ढाबों तक पहुंच रही हैं। पुलिस के इसी मौन संरक्षण के कारण माफियाओं का मनोबल आसमान छू रहा है और शासन की संपत्ति की सरेआम लूट मची हुई है। *इनका कहना है* जब हमने अवैध कोयले के परिवहन के संबंध कोतमा थाना प्रभारी से बात करनी चाहिए तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किये



































