अमरकंटक के बघेल रेजिडेंसी बाराती में सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत सप्ताह कथा का शुभारंभ

---Advertisement---

राजराजेश्वरी से भव्य कलश शोभायात्रा से भक्तिमय हुआ नर्मदा उद्गम स्थल

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र व पावन तपोभूमि अमरकंटक इन दिनों भक्ति , श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर है । अमरकंटक में इन दिनों नर्मदा तट रामघाट , शांति कुटी आश्रम , कल्याण आश्रम , मार्कण्डेय आश्रम , अतिथेयम विश्रामगृह , मृत्युंजय आश्रम , परमहंस धारकुंडी आश्रम , बाराती वार्ड दो आदि स्थलों पर धार्मिक अनुष्ठान हो रहे ।

 

अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 2 बराती बघेल रेजिडेंसी में आयोजित सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ भव्य कलश शोभायात्रा एवं वैदिक पूजन-अर्चन के साथ हुआ । कथा का रसपान मुरैना के सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित लवकुश महाराज के श्रीमुख से कराया जा रहा है । यह आयोजन अधिमास ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष अष्टमी दिन रविवार दिनांक 24 मई 2026 से प्रारंभ होकर पूर्णिमा 30 मई तक सात दिवस अनवरत संचालित होगा ।

 

कथा प्रारंभ होने से पूर्व प्रातः 9 बजे राजराजेश्वरी आश्रम से विशाल कलश शोभायात्रा निकाली गई जिसमें परिवार की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर भजन-कीर्तन करती हुई चल रही थीं । शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर पहुंची जहां नर्मदा मंदिर आचार्य पुरोहित पंडित उमेश द्विवेदी एवं अन्य आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ उद्गम स्थल पर पूजन-अर्चन एवं पुराण पूजन संपन्न कराया गया । कलश यात्रा में गुदुम वाद्य यंत्र , बैंड , ढपली एवं नर्तक दल की मधुर प्रस्तुति से नगर और संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा ।

इसके उपरांत कथा स्थल पर प्रथम दिवस की श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ हुई । कथा व्यास पीठ से पंडित लवकुश महाराज ने गुरु महिमा एवं देवर्षि नारद की भक्ति का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म , भक्ति , सत्संग एवं सनातन जीवन मूल्यों का महत्व बताया । उन्होंने कहा कि गुरु ही मानव जीवन को ज्ञान , संस्कार और ईश्वर भक्ति का मार्ग प्रदान करते हैं ।

 

अमरकंटक में अनेक जगहों पर हो रहे श्रीमद् भागवत कथा , नर्मदा पुराण और रुद्राभिषेक की दिव्य धारा से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है । कथा पांडाल में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति धर्म और संस्कृति के प्रति लोगों की गहरी आस्था को प्रकट कर रही है ।

कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं , भक्ति मार्ग , प्रेम , करुणा एवं मानवता के संदेश का सुंदर वर्णन किया जा रहा है जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त हो रही है ।

बाराती कथा स्थल पर पूजा-अर्चना , दीप प्रज्ज्वलन , भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का क्रम निरंतर जारी है । महिलाओं , युवाओं एवं बुजुर्गों की सक्रिय सहभागिता आयोजन को और अधिक भव्य एवं श्रद्धामय बना रही है । श्रद्धालु सत्संग और भक्ति में लीन होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर रहे हैं ।

 

यह धार्मिक आयोजन सेवा भावी गब्बर सिंह द्वारा अपने पूज्य पिता श्री कंचन सिंह एवं माता श्रीमती बदामी देवी सिंह के सान्निध्य में परिजनों एवं स्वजनों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है । कथा आयोजन में परिवारजन के श्रीमती शीला सिंह , केशव सिंह , महेश सिंह , दिनेश सिंह एवं अवधेश सिंह (बंटी) सहित सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं । कथा श्रवण हेतु मुरैना और आस पास क्षेत्र से लगभग ढाई सौ श्रद्धालु एवं गब्बर सिंह के परिजन अमरकंटक पहुंचे हैं ।

 

आयोजकों ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य समाज में धर्म , संस्कार , सद्भावना एवं भारतीय संस्कृति का प्रसार करना है ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सनातन परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ी रहें । संपूर्ण अमरकंटक नगरी इन दिनों श्रीमद् भागवत , नर्मदा पुराण , रुद्र यज्ञ , रुद्राभिषेक और कृष्ण कथा के भक्तिमय वातावरण से आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर रही है ।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

May 25, 2026

May 25, 2026

May 25, 2026

May 25, 2026

May 25, 2026

May 25, 2026

Leave a Comment