बिजुरी ब्लास्ट साइडिंग पर प्रदूषण के आरोप: कोयले की धूल से परेशान वार्डवासी, कार्रवाई की मांग तेज
रिपोर्टर – अयोध्या बी.एल. सिंह
अनूपपुर। नगर पालिका बिजुरी के वार्ड क्रमांक 7 में संचालित कोयला साइडिंग को लेकर स्थानीय नागरिकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के रहवासियों का आरोप है कि कोयला लोडिंग और परिवहन गतिविधियों के कारण उड़ने वाली धूल एवं कण अब आसपास के रिहायशी इलाकों तक पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों को दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार भीषण गर्मी और तेज हवाओं के दौरान कोयले के महीन कण घरों की छतों, आंगनों, पानी की टंकियों तथा अन्य स्थानों तक पहुंच रहे हैं। कई परिवारों ने शिकायत की है कि उन्हें घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने के बावजूद धूल की समस्या बनी रहती है। नागरिकों का कहना है कि इससे विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्या से जूझ रहे लोगों को असुविधा हो रही है।
रहवासियों का आरोप है कि साइडिंग क्षेत्र में धूल नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय पर्याप्त रूप से प्रभावी दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनका कहना है कि नियमित पानी का छिड़काव, धूल नियंत्रण व्यवस्था और अन्य पर्यावरणीय उपायों को और बेहतर तरीके से लागू किए जाने की आवश्यकता है।
स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इस संबंध में कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अब तक उन्हें अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई दिखाई नहीं दी। इसी कारण क्षेत्र में असंतोष का माहौल बना हुआ है और लोग संबंधित विभागों से निरीक्षण एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वार्ड क्रमांक 7 की पार्षद श्रीमती बिमला पटेल ने कहा कि आंदोलन के बाद मुख्य मार्ग पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है, लेकिन साइडिंग के अंदरूनी हिस्सों में अभी भी सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने बताया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है तो वार्डवासी उच्च अधिकारियों को शिकायत सौंपते हुए आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित विभाग क्षेत्र का निष्पक्ष निरीक्षण करे, पर्यावरणीय मानकों के पालन की स्थिति स्पष्ट करे तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाकर लोगों को राहत प्रदान करे। अब क्षेत्र की नजर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।





































