अमरकंटक स्थित धारकुंडी आश्रम में मनाया गया वार्षिक महोत्सव सम्पन्न

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वृंदावन के मलुक पीठाधीश्वर के परम शिष्य महामंडलेश्वर जी एवं परमहंस आश्रम के प्रमुख संतों के आगमन से वार्षिक उत्सव हुआ भव्य एवं आध्यात्मिक

 

संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

 

अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक जो मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आध्यात्मिक तीर्थ स्थल और पावन तपो भूमि पर स्थित श्री परमहंस आश्रम , धारकुंडी शाखा अमरकंटक में आयोजित वार्षिक उत्सव वर्ष 2026 श्रद्धा , भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ । इस अवसर पर वृंदावन से पधारे मलुक पीठाधीश्वर के परम शिष्य महामंडलेश्वर स्वामी डॉ रघुवीर दास जी महाराज के आगमन और परमहंस धारकुंडी आश्रम सतना से पधारे प्रमुख संतों में स्वामी श्री विरक्तानंद जी महाराज , स्वामी श्री गंगानंद जी महाराज , स्वामी उदयानंद जी महाराज , डॉ स्वामी रामभद्र जी महाराज , स्वामी स्वामी महेश आदि प्रमुख संतों के आगमन से कार्यक्रम को विशेष गरिमा एवं आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान हुई ।

अमरकंटक आश्रम के प्रमुख संत स्वामी लवलीन महाराज , आश्रम परिवार के प्रमुख अरुण उरमालिया जी (मुन्ना) रीवा , एस एन शुक्ला जी अनूपपुर , नारायण पांडेय जी बिलासपुर , हर्ष मिश्रा जी बिलासपुर , धर्मगुरु नारायण पांडेय जी एवं भक्तगण , श्रद्धालुओं ने उन सभी संतो , महंतों के आगमन पर भावपूर्ण स्वागत एवं अभिनंदन किया गया ।

 

तीन दिवसीय इस आयोजन के प्रथम व द्वितीय दिवस 18 और 19 मई को रामचरित मानस पाठ की बैठकी एवं महामृत्युंजय जप के आयोजन साथ ही साथ रुद्राभिषेक , वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया । बाहर से आए विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ प्राप्त किया ।

 

तृतीय दिवस 20 मई को सतना क्षेत्र स्थित परमहंस आश्रम के प्रमुख संतों के सानिध्य में त्रिशूल पूजन , समाधि पूजन एवं पूर्णाहुति हवन संपन्न हुआ । सायंकालीन आश्रम में संतों के सत्संग में धर्म , संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए गए जिसमें अनेक जगहों से पधारे शिष्यगण , भक्तों ने लाभ प्राप्त किया ।

दोपहर 12:30 बजे से संतो , ब्राह्मणों और नगर के जनमानस हेतु नगर भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया ।

 

इस अवसर पर उपस्थित संतों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक जीवन में सेवा , संयम एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया ।

कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर में श्रद्धा और भक्तिभाव का अद्भुत संगम देखने को मिला ।

 

कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्री परमहंस धारकुंडी आश्रम के प्रमुख स्वामी लवलीन बाबा जी ने सभी संत-महात्माओं , अतिथियों , श्रद्धालुओं , सहयोगकर्ताओं एवं आयोजन से जुड़े सभी सेवाभावी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया । उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग , सहभागिता और आशीर्वाद से वार्षिक उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ । साथ ही भविष्य में भी धर्म , सेवा और आध्यात्मिक चेतना के ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया । अंत में समस्त श्रद्धालुओं के मंगल कामनाएं , सुख संब्रद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ ।

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