मोबाइल-टीवी छोड़ खेल के मैदान की ओर बढ़े बच्चों के कदम: एनसीएल समर कैंप “आरोहण” 2026 का शानदार आगाज
सिंगरौली।
डिजिटल दौर में जहां बच्चों का अधिक समय मोबाइल और टीवी स्क्रीन के बीच सिमटता जा रहा है, वहीं नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने बच्चों को खेल, कला और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में एक बार फिर सराहनीय पहल की है। गुरुवार को एनसीएल के बहुप्रतीक्षित समर कैंप “आरोहण” 2026 के सातवें संस्करण का शुभारंभ किया गया। यह समर कैंप 21 मई से 10 जून 2026 तक एनसीएल मुख्यालय सहित सभी परियोजनाओं एवं इकाइयों में आयोजित किया जाएगा।
इस वर्ष आयोजित समर कैंप में 7 से 14 वर्ष आयु वर्ग के हजारों बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। “आरोहण” केवल छुट्टियों का मनोरंजन कार्यक्रम नहीं बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, प्रतिभा निखारने और उन्हें नई सीख देने का एक व्यापक मंच बनकर सामने आया है।
समर कैंप के दौरान योग्य प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को विभिन्न खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें बैडमिंटन, टेबल टेनिस, क्रिकेट, वॉलीबॉल, तैराकी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, जूडो, कराटे और फुटबॉल जैसी खेल विधाओं के साथ-साथ संगीत, गायन-वादन, नृत्य, ड्रॉइंग और पेंटिंग जैसी कलात्मक गतिविधियां भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य बच्चों की शारीरिक क्षमता, मानसिक विकास और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना है।
एनसीएल के अनुसार इस वर्ष “आरोहण” समर कैंप के माध्यम से कुल 4,718 बच्चों एवं युवाओं को लाभ मिलेगा, जो पिछले वर्ष के 4,539 प्रतिभागियों की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत अधिक है। इनमें 2,149 बच्चे एनसीएल परिवारों से तथा 2,569 बच्चे गैर-एनसीएल क्षेत्रों से शामिल हैं। यह बढ़ती भागीदारी कार्यक्रम की लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाती है।
एनसीएल मुख्यालय में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में महाप्रबंधक (मानव संसाधन) राजेश त्रिवेदी, एनसीएल स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड के सदस्य, अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी, मुख्यालय जेसीसी सदस्य, प्रतिभागी बच्चे और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में उत्साह और नई गतिविधियों को सीखने की जिज्ञासा स्पष्ट दिखाई दी।
गौरतलब है कि एनसीएल ने वर्ष 2018 में “आरोहण” समर कैंप की शुरुआत बच्चों और युवाओं को छुट्टियों के दौरान सकारात्मक, रचनात्मक और प्रेरणादायक माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की थी। यह पहल लगातार बच्चों को खेल, कला, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास के नए अवसर प्रदान कर रही है।
आज जब बच्चों की दिनचर्या स्क्रीन आधारित होती जा रही है, ऐसे समय में “आरोहण” जैसे कार्यक्रम न केवल उन्हें मैदानों की ओर वापस ला रहे हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और बड़े सपने देखने का साहस भी विकसित कर रहे हैं।



































