अमरकंटक में स्वर्गीय अनिल माधव दवे की नवमी पुण्यतिथि पर नदी संवाद एवं संगोष्ठी हुई आयोजित

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संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

 

अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक में स्वर्गीय अनिल माधव दवे की नवमी पुण्यतिथि के अवसर पर नर्मदा समग्र अमरकंटक द्वारा रामघाट के दक्षिण तट पर “नदी संवाद एवं संगोष्ठी” का आयोजन दिन सोमवार तारीख 18/05/2026 को सायं कालीन नर्मदा तट पर बैठक संपन्न किया गया ।

 

कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण , मां नर्मदा के संवर्धन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर विभिन्न वक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किए ।

कार्यक्रम की शुरुआत नर्मदा समग्र के संभाग सह-समन्वयक दिनेश साहू द्वारा नर्मदा समग्र के परिचय एवं संगठन द्वारा वर्षभर किए जा रहे कार्यों की जानकारी के साथ हुई । उन्होंने बताया कि नर्मदा समग्र द्वारा हरियाली चुनरी , वृक्षाबंधन , पर्वत पूजन , मिट्टी गणेश , पंचकोसी पर्यावरण अध्ययन यात्रा जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं । घाट टोली के माध्यम से पूरे वर्ष घाटों की सफाई का कार्य निरंतर किया जाता है । विगत नौ माह में उद्गम से कपिलधारा तक मां नर्मदा की धारा से 15 ट्रैक्टर-ट्रॉली कचरा बाहर निकाला जा चुका है । साथ ही अमरकंटक में वन विभाग के सहयोग से 15 हेक्टेयर भूमि पर 10 हजार वृक्षारोपण भी किया गया है ।

 

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ समाजसेवी अंबिका प्रसाद तिवारी रहे जिन्होंने स्वर्गीय अनिल माधव दवे को स्मरण करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए ऋषि समान व्यक्तित्व वाले थे जिन्होंने नर्मदा संरक्षण के समग्र चिंतन का मार्ग समाज को दिखाया । उन्होंने कहा कि मां नर्मदा को स्वच्छ बनाए रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है ।

नर्मदा समग्र के जिला टोली सदस्य एवं कृषि वैज्ञानिक अनिल पटेल ने कहा कि यदि मानव समाज को प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखते हुए विकास करना है तो भौतिक उन्नति के साथ आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाना आवश्यक होगा । संयमित उपभोग , पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना ही सतत विकास का आधार बन सकती है । उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भौतिकवाद और अध्यात्मवाद के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है ।

 

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षाविदों एवं पर्यावरणविदों ने भी मां नर्मदा के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर अपने अपने विचार साझा किए । संगोष्ठी के दौरान सभी उपस्थितजनों ने अपने चिंतन एवं अनुभव व्यक्त किए । तत्पश्चात स्वर्गीय अनिल माधव दवे द्वारा “नदी संवाद” का ऑडियो श्रवण कराया गया जिसमें सभी ने नदी से संवाद करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया । अंत में नर्मदा अष्टक के पाठ के पश्चात कार्यक्रम का समापन किया गया ।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से राधेश्याम उपाध्याय , रंजित सिंह , प्रकाश द्विवेदी , राकेश सोनी , कुंज बिहारी सोलकिया , धर्मेंद्र झरिया , तिलक पटेल , एम मुरली , दयाशंकर मिश्र , अभिषेक पांडेय सहित वरिष्ठ पत्रकार श्रवण उपाध्याय एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे ।

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