संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में मानसून ने जोरदार दस्तक दे दी है । पिछले कुछ समय से हो रही रुक-रुक कर बारिश के बाद क्षेत्र में मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया है। तेज वर्षा के चलते पहाड़ों और जंगलों से उतरने वाला पानी नदी-नालों में तेजी से बहने लगा जिससे कई छोटे नदी-नाले लबालब भर गए । वहीं नगर के अनेक हिस्सों में सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा । कई जगह भारी वर्षा के कारण मालवा (मुरूम , पत्थर) बहकर रोड , रास्तों में आ जाता है ।
3 जुलाई 2026 दिन शुक्रवार को दोपहर 1:00 बजे से 1 घंटे की मूसलाधार झमाझम बारिश हुई । फल स्वरुप अमरकंटक पूरी तरह तरबतर हो गया ।
बारिश के कारण अमरकंटक का प्राकृतिक सौंदर्य और भी मनमोहक हो उठा है । चारों ओर हरियाली की चादर बिछ गई है तथा पर्वतीय क्षेत्र बादलों की धुंध से आच्छादित दिखाई दे रहे हैं । प्री-मानसून की इस वर्षा से क्षेत्र का तापमान गिरने के साथ मौसम बेहद खुशनुमा हो गया जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को गर्मी से राहत मिली ।
हालांकि लगातार हो रही वर्षा के कारण नगर की कुछ सड़कों पर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई । कई स्थानों पर पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं । राहगीरों , दोपहिया वाहन चालकों तथा स्थानीय नागरिकों को जलभराव के बीच सावधानीपूर्वक आवागमन करना पड़ा । वहीं ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले कुछ छोटे नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने से लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए ।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है । ऐसे में प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के समीप अनावश्यक रूप से जाने से बचने तथा तेज बहाव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है ।
प्री-मानसून की इस पहली प्रभावी वर्षा ने जहां एक ओर अमरकंटक की वादियों को नई ताजगी प्रदान की है , वहीं दूसरी ओर जलभराव और बढ़ते जलस्तर ने यह संकेत भी दे दिया है कि मानसून के आगमन से पहले नगर परिषद अमरकंटक को जल निकासी व्यवस्था और आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है ।





























































