वित्तीय निर्णयों में एआई की बढ़ेगी भूमिका: सीसीएल ने अधिकारियों को दिया विशेष प्रशिक्षण
52 वित्त अधिकारियों ने लिया हिस्सा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए पारदर्शिता, कार्यकुशलता और त्वरित निर्णय क्षमता बढ़ाने पर जोर

रांची। कोयला उद्योग में डिजिटल तकनीकों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई) के बढ़ते महत्व को देखते हुए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने वित्तीय निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। सीसीएल के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग द्वारा “Role of AI in Financial Decision” विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कंपनी के 52 वित्त अधिकारियों ने भाग लेकर एआई आधारित वित्तीय प्रबंधन और निर्णय प्रक्रिया की आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय निर्णयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग, प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण तथा वित्तीय कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध बनाने के लिए अधिकारियों को नवीन तकनीकों से परिचित कराना था। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सीसीएल के निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम्स) एवं संकाय सुरेश बेहरा, महाप्रबंधक (एचआरडी) एम. एफ. हक तथा निदेशक (वित्त) के तकनीकी सचिव संजय सिंह उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि बेहतर प्रशासन और प्रभावी वित्तीय प्रबंधन का मजबूत माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि एआई के उपयोग से वित्तीय निर्णयों में पारदर्शिता बढ़ेगी, कार्यकुशलता में सुधार होगा तथा कम समय में अधिक सटीक निर्णय लिए जा सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बेंचमार्किंग और एआई आधारित कौशल विकास से संगठन की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और प्रदर्शन दोनों मजबूत होंगे।
निदेशक (वित्त) के तकनीकी सचिव संजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता है। यदि संस्थान समय के साथ एआई को अपनी कार्यप्रणाली में शामिल नहीं करेंगे तो प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से एआई आधारित प्रणाली को अपनाकर निरंतर सुधार और नवाचार की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में पूर्व महाप्रबंधक (सिस्टम्स) एवं विशेषज्ञ सुरेश बेहरा ने वित्तीय निर्णय प्रक्रिया, डेटा विश्लेषण, जोखिम मूल्यांकन, पूर्वानुमान आधारित वित्तीय योजना तथा प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार एआई वित्तीय विश्लेषण को अधिक सटीक, तेज और विश्वसनीय बना सकता है।
पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद करते हुए विभिन्न तकनीकी विषयों पर चर्चा की और एआई के व्यावहारिक उपयोग से जुड़े अपने प्रश्नों के समाधान प्राप्त किए। कार्यक्रम अत्यंत संवादात्मक रहा और अधिकारियों ने इसे भविष्य की कार्यशैली के अनुरूप उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया।
सीसीएल प्रबंधन का मानना है कि डिजिटल लर्निंग, तकनीकी नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य की चुनौतियों से निपटने में संगठन को सक्षम बनाएंगे। इस प्रकार के प्रशिक्षण से न केवल वित्तीय निर्णय प्रक्रिया अधिक मजबूत होगी, बल्कि कंपनी की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सीसीएल भविष्य में भी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को दक्ष बनाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।




































