ट्रांसमिशन लाइनों के समीप निर्माण से हो सकता है जानलेवा खतरा, ट्रांसको ने चलाया विशेष जागरूकता एवं कार्रवाई अभियान

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अनूपपुर 19 अप्रैल 2026/ मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) द्वारा जिले में एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास हो रहे अवैध निर्माणों की खतरनाक स्थिति को दृष्टिगत सख्त अभियान शुरू किया गया है।

एमपी ट्रांसको के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया है कि अभियान का उद्देश्य न केवल ऐसे निर्माणों को हटाना है, बल्कि नागरिकों को यह स्पष्ट रूप से समझाना भी है कि ट्रांसमिशन लाइनों के समीप किया गया निर्माण सीधे जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

 

कम से कम 27 मीटर का सुरक्षित कारीडोर जरूरी

 

हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइनो के आसपास नियमानुसार 132 के.वी. ट्रांसमिशन लाइन के दोनों ओर 27 मीटर का क्षेत्र और 220 के वी लाइन में 35 मीटर सुरक्षा कॉरीडोर के रूप में प्रतिबंधित है। इसके भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण पूर्णतः वर्जित है। इस क्षेत्र में बने मकान, दुकान या अन्य संरचनाएं इसलिए अत्यंत जोखिमपूर्ण हैं क्योंकि तेज हवा या अन्य कारणों से तारों के झूलने (स्विंग) की स्थिति में कभी भी जानलेवा हादसा हो सकता है।

 

*घरेलू बिजली से 600 से 950 गुना घातक विद्युत प्रभाव होती है इन ट्रांसमिशन लाइनों में*

 

ट्रांसमिशन लाइनों में प्रवाहित विद्युत धारा घरेलू बिजली की तुलना में लगभग 600 से 950 गुना अधिक घातक होती है। ऐसे में इन लाइनों के पास रहना या निर्माण करना, हर समय एक अदृश्य खतरे के साए में रहने जैसा है।

 

*अनूपपुर क्षेत्र में दो दर्जन निर्माण खतरनाक जद में*

 

प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि अनूपपुर और कोतमा क्षेत्र में अब तक 23 ऐसे निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जो इस प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर आते हैं। इन सभी मामलों में संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे स्वयं निर्माण हटाएं, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इन निर्माणों से न केवल रहने वालों की जान जोखिम में है, बल्कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है।

 

* ट्रांसमिशन के नजदीक बने चार निर्माण को हटाया गया*-

 

एम.पी. ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता श्री आर.एस. पांडे एवं कार्यपालन अभियंता श्री ए.पी.एस. चौहान के निर्देशन में शहडोल टीएलएम टीम द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

क्षेत्र में रेलवे को आपूर्ति करने वाली 220 केवी ट्रैक्शन -ट्रांसमिशन लाइन के नजदीक बने निर्माण सहित चार ऐसे निर्माणों को हटाया जा चुका है जो मानव जीवन के लिए खतरा हो सकते थे.

सहायक अभियंता श्री जगदीश असाटी द्वारा स्थानीय प्रशासन की मदद से पब्लिक एड्रेस सिस्टम, व्यक्तिगत संपर्क और नोटिस के माध्यम से लोगों को समझाया जा रहा है कि थोड़ी सी लापरवाही, बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

 

*ऊर्जा मंत्री की अपील*-

 

मध्य प्रदेश शासन के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। ट्रांसमिशन लाइनों के समीप किसी भी प्रकार का निर्माण न करें और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें। सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही जीवन की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।

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